Ban on movement of trucks loaded with 'maurang' (coarse sand/gravel) from Devkali

फोटो – 21 सड़क का निरीक्षण करते तहसीलदार व अन्य। संवाद

कालपी। ग्रामीणों के विरोध के बाद अब देवकली गांव की सड़क से मौरंग लदे ट्रक नहीं निकल सकेंगे। शुक्रवार को मौके पर पहुंचे प्रशासनिक, पीडब्ल्यूडी और खनिज विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की। सड़क की बदहाली और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने बालू घाट संचालकों को दूसरे रास्ते से परिवहन करने की हिदायत दी। ग्रामीण सड़क निर्माण होने तक खनन कार्य शुरू नहीं होने देने की मांग पर अड़े रहे।


महेवा ब्लॉक क्षेत्र के हीरापुर में यमुना नदी पर शासन ने सात खनन पट्टे जारी किए हैं। इनमें खंड संख्या दो और तीन के संचालकों ने जनवरी में खनन शुरू किया था। बालू लदे वाहनों को देवकली गांव की सड़क से निकाला जा रहा था। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसका खामियाजा देवकली और हीरापुर के ग्रामीणों को बरसात के दौरान भुगतना पड़ा। सड़क पर फैली गंदगी और कीचड़ के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था। बच्चों की स्कूल तक पहुंच भी प्रभावित हुई थी।

ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र देकर सड़क बनवाने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को उस समय विरोध शुरू कर दिया, जब घाट संचालक मशीनें लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण होने तक खनन नहीं होने देने का ऐलान कर दिया। घाट संचालकों ने प्रशासन और पुलिस के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।

शुक्रवार को तहसीलदार श्रीकुमार मिश्रा, पीडब्ल्यूडी और खनिज विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति देखी और ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि सड़क की मरम्मत और निर्माण के बिना बालू लदे वाहनों का आवागमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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