उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच मंगलवार को हुई मारपीट का मामला बुधवार को और गरमा गया। नर्सिंग कॉलेज के करीब 300 छात्र-छात्राएं बुधवार सुबह मेडिकल कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और मारपीट करने वाले एमबीबीएस इंटर्न के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। दोपहर में सभी छात्र-छात्राएं काली पट्टी बांधकर और तख्तियां लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
मेडिकल कॉलेज में सोमवार को नीशू नाम के छात्र का एमबीबीएस इंटर्न आशीष गहरवार से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद आशीष वहां से चला गया और अपने कुछ साथियों को फोन कर बुला लिया। बाद में नीशू के वहां से चले जाने के बाद इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे बीएससी नर्सिंग छात्र नितीश कुमार गोंड (25) और अमन मौर्या (24) के साथ मारपीट की गई।
नर्सिंग छात्रों का आरोप है कि करीब दस एमबीबीएस इंटर्न ने दोनों छात्रों के साथ मारपीट की। इसमें दोनों को चोटें आईं थीं। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में कुछ युवक बाल्टी और अन्य सामान से छात्रों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। छात्रों ने इसी वीडियो को कार्रवाई का आधार बनाते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
””कार्रवाई होने तक नहीं करेंगे क्लीनिकल ड्यूटी””
धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि नर्सिंग छात्रों को लगातार दबाव में काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि मंगलवार की घटना के बाद भी यदि आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होती है तो इससे छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी। छात्रों ने कहा कि जब तक मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे इमरजेंसी और अन्य क्लीनिकल गतिविधियों में कार्य नहीं करेंगे। छात्रों ने धरने के दौरान नारेबाजी भी की। हाथों में लिए पोस्टरों पर कार्रवाई की मांग लिखी थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मारपीट में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। मेडिकल कॉलेज परिसर में धरना देने के बाद बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र-छात्राएं काली पट्टी बांधकर और हाथों में तख्तियां लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने रास्ते में नारेबाजी करते हुए एमबीबीएस इंटर्न के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीएम कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा।
छात्रों ने कहा कि कॉलेज में लंबे समय से उनकी समस्याओं और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मंगलवार की घटना के बाद अब वे लिखित कार्रवाई चाहते हैं और प्राथमिकी दर्ज होने तक अपना विरोध जारी रखेंगे।
चार छात्रों पर भी हुई कार्रवाई
मंगलवार की घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही चार छात्रों को सात दिन के लिए क्लीनिकल और प्रशिक्षण गतिविधियों से रोक दिया गया है। इनमें तीन बीएससी नर्सिंग छात्र और एक एमबीबीएस इंटर्न शामिल है।
एक साल में कई बार विवादों से गरमा चुका है मेडिकल कॉलेज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में पिछले करीब एक साल के दौरान विवाद और हंगामे की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कभी एमबीबीएस छात्रों के बीच विवाद हुआ तो कभी डॉक्टर और तीमारदार आमने-सामने आए। अब एमबीबीएस इंटर्न और नर्सिंग छात्रों के बीच मारपीट के बाद करीब 300 छात्रों के धरने पर बैठने से कॉलेज की व्यवस्था फिर चर्चा में है।
नवंबर 2025 में सड़क पर भिड़े थे एमबीबीएस छात्र
नवंबर 2025 में मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर विवाद और मारपीट हुई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने कई छात्रों पर कार्रवाई की थी। कुछ छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करने के साथ जुर्माना भी लगाया गया था।
मई 2026 में डॉक्टर-तीमारदार विवाद के बाद बंद हुई थीं सेवाएं
मई 2026 में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में डॉक्टरों और एक युवक पक्ष के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई थी। घटना के बाद डॉक्टरों ने विरोध जताते हुए इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी थीं। मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों पक्षों की ओर से कार्रवाई की गई। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन और बाजार बंद तक की स्थिति बनी थी।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में मेडिकल इंटर्न फैकल्टी, विभागाध्यक्ष, सीएमएस आदि के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी प्रकार नर्सिंग इंटर्न अपने ट्यूटर्स और नर्सिंग कॉलेज की फैकल्टी आदि के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सीमाएं कैसे लांघीं, इसकी जांच की जा रही है। सीसीटीवी रिकॉर्ड और मीडिया में आई रिकॉर्डिंग का अध्ययन किया जा रहा है। जांच समिति अपनी सिफारिशें देगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्रधानाचार्य,जीएमसी, जालौन।

फोटो – 25 मेडिकल कॉलेज के गेट पर धरना देते नर्सिंग छात्र – छात्राएं। संवाद
