रामपुरा (उरई)। भाजपा नेता दिनेश मिश्रा ने रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह पर कमरे में ले जाकर नागिन डांस कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत एसपी और जिला पंचायत अध्यक्ष से की है।
दरअसल, भाजपा नेता दिनेश मिश्रा का कहना है कि दो दिन पहले उनके यहां काम करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में थाने में बैठा लिया था। उसे छुड़ाने के लिए वह थाने पहुंचे तो इंस्पेक्टर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
दिनेश मिश्रा के अनुसार इंस्पेक्टर ने उनसे 20 बोरी सीमेंट मांगी। उन्होंने कहा कि उनका टेंट हाउस का काम है और वह पहले भी सहयोग करते रहे हैं। आरोप है कि इस बात पर इंस्पेक्टर नाराज हो गए और कमरे का दरवाजा बंद कर उनसे नागिन डांस करने के लिए कहा। दिनेश का दावा है कि डर के कारण उन्हें करीब दस मिनट तक डांस करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर नगर के कुछ संभ्रांत लोग थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर से इस संबंध में शिकायत की। दिनेश का दावा है कि उस दौरान इंस्पेक्टर ने अपनी गलती स्वीकार की थी।
दिनेश मिश्रा के साथ हुई घटना के बाद भाजपा नेता ने अपने साथियों के साथ क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन को मामले की जानकारी दी। उनके अनुसार विधायक ने पुलिस अधीक्षक से फोन पर शिकायत कर इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इधर, दिनेश का आरोप है कि इसके बाद भी उसी रात करीब आठ बजे भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष प्रजापति को थाने बुलाया गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उन्हें भी धमकाते हुए कहा कि तुम्हें भी नागिन डांस करवाता हूं।
सोमवार सुबह दिनेश मिश्रा, संतोष प्रजापति, राजेश मिश्रा, अंकुर मिश्रा, कमलेश पाठक, राजेंद्र सोनी और सुनील शुक्ला समेत कई लोग जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी के साथ पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे और शिकायत की। भाजपा नेताओं के अनुसार एसपी ने मामले की जानकारी लेकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह का कहना है कि आरोप निराधार हैं। एसपी विनय कुमार सिंह का कहना है कि इस संबंध में जानकारी मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी लोगों से डांस कराने का दावा
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सिंह के खिलाफ इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। उनका दावा है कि थाने में आने वाले कुछ लोगों को अलग-अलग कमरों में बुलाकर डांस कराया जाता था और उन्हें दोबारा थाने के आसपास न आने की चेतावनी दी जाती थी।
