उरई। इलाज में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को महिला के परिजन करीब 24 लोगों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के शिवपुरी मोहल्ला निवासी धर्मराज सिंह सेंगर ने बताया कि उनकी पत्नी ज्योति सिंह बीमार थीं। उन्हें तुलसीधाम के पास स्थित एक अस्पताल में दिखाया गया, जहां अस्पताल संचालिका डॉक्टर ने जल्द ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजन के अनुसार 27 जुलाई को ज्योति को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया।
आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जब महिला टांके कटवाने अस्पताल पहुंची तो टांकों में इंफेक्शन हो चुका था। परिजन का कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई और अस्पताल में ही इलाज चलता रहा। हालत बिगड़ने पर डॉक्टर दंपती ने महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन सुधार न होने पर झांसी के एक निजी नर्सिंग होम में भेज दिया गया।
परिजन के मुताबिक झांसी में महिला को छह दिन भर्ती रखकर दो बार ऑपरेशन किया गया। इसके बाद 22 अगस्त को हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया। करीब दस दिन इलाज के बाद भी सुधार न होने पर महिला को पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया, जहां वह अभी वेंटिलेटर पर है।
