कालपी। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को केंद्रीय जल आयोग के अनुसार यमुना का जलस्तर 98.99 मीटर दर्ज किया गया। देर रात यह 98.35 मीटर था। हालांकि वर्तमान जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु और खतरे के निशान से आठ मीटर नीचे है।
कालपी में यमुना का चेतावनी बिंदु 107 मीटर, जबकि खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। यानी रविवार को दर्ज 98.99 मीटर का जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 8.01 मीटर और खतरे के निशान से 9.01 मीटर नीचे था।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जब नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंचता या उसे पार करता है, लेकिन खतरे के स्तर से नीचे रहता है, तो इसे बाढ़ की ‘एबव नॉर्मल’ स्थिति माना जाता है। इस स्तर पर प्रशासन और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जाता है।
वहीं, नदी का जलस्तर खतरे के निशान 108 मीटर तक पहुंचने या उसे पार करने पर बाढ़ का खतरा गंभीर हो जाता है। ऐसे में निचले इलाकों और तटवर्ती गांवों में विशेष निगरानी तथा जरूरत पड़ने पर बचाव एवं राहत की कार्रवाई की जाती है।
लगातार हो रही बारिश का पानी यमुना में पहुंचने के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय गांवों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, बेतवा नदी का जलस्तर 115 मीटर से घटकर 114 मीटर पर आ गया है।
