उरई। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर जिले में पुलिस की सक्रियता दिखाई दी। समाजवादी पार्टी के नेताओं और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी ने पुलिस पर नजरबंद करने और दिल्ली जाने से रोकने का आरोप लगाया है। नेताओं ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

झांसी रोड स्थित अपने आवास पर पुलिस की निगरानी में रहने का दावा करते हुए सपा नेता कपिल गुमावली ने बताया कि डिप्टीगंज चौकी प्रभारी संदीप कुमार चार सिपाहियों के साथ उनके घर पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मी करीब छह घंटे तक उनके आवास पर तैनात रहे और उन पर नजर रखी। कपिल ने बताया कि 23 सितंबर को सड़क किनारे फिसलने से उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद से वह बेड रेस्ट पर हैं। इसके बावजूद पुलिसकर्मी उनके घर के आसपास मौजूद रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो साझा कर इसकी जानकारी दी।

उधर, कोंच में भी सपा नेताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने का आरोप लगाया गया। पार्टी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम सपा नगर अध्यक्ष एवं सभासद अमित यादव और सपा छात्रसभा जिलाध्यक्ष रामानंद कुशवाहा को पुलिस कोतवाली ले गई थी। बाद में दोनों को छोड़ दिया गया, लेकिन घर पहुंचते ही पुलिस वहां पहुंच गई। सपा नेताओं का आरोप है कि छात्रसभा जिलाध्यक्ष के घर पर शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक दो कांस्टेबल तैनात रहे।

वहीं, शहर के रगेदा निवासी भारतीय किसान यूनियन (धन सिंह कोतवाल) के जिलाध्यक्ष सुशील चौधरी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे उन्हें एक होटल में नजरबंद कर दिया गया। वह दिल्ली जाने की तैयारी में थे और कोंच बस स्टैंड तक पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। सुशील चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और आंदोलन में भाग लेने का अधिकार है।

फोटो- 23 कोंच कोतवाली में बैठाए गए सपा नगर अध्यक्ष अमित यादव व अन्य। स्रोत : पार्टी

फोटो- 23 कोंच कोतवाली में बैठाए गए सपा नगर अध्यक्ष अमित यादव व अन्य। स्रोत : पार्टी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें