डीएम गौरांग राठी ने बुधवार कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आईजीआरएस, ऑनलाइन व हेल्पलाइन-1076 के जरिए मिल रही शिकायतों की समीक्षा की। आईजीआरएस पोर्टल पर समाज कल्याण विभाग की ओर से निस्तारित शिकायत में 73 फीसदी फीडबैक असंतोषजनक प्राप्त होने पर डीएम ने सख्त नाराजगी व्यक्त कर अफसरों की फटकार लगाई। साथ ही बिजली विभाग में 52 फीसदी शिकातयकर्ताओं से संपर्क न करने और अप्रैल में जल निगम ग्रामीण व खाद्य एवं रसद विभाग की सर्वाधिक शिकायतों पर अफसरों को आड़े हाथ लिया।
डीएम ने कहा कि ऐसे विभाग जिनके पास 50 से कम शिकायतें प्राप्त होती हैं उनके कार्यालय अध्यक्ष स्वयं शिकायतकर्ता से वार्ता कर शिकायतों के निस्तारण की जानकारी देंगे। अफसर प्रतिदिन शिकायतकर्ता से बात कर निस्तारण आख्या में संपूर्ण वितरण की जानकारी कार्यालय को भी उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने कहा, आईजीआरएस पोर्टल पर बार-बार मिल रही शिकायतों/असंतोषजनक फीडबैक वाले टॉप-5 की सूची तैयार कर संबंधित अफसर की जिम्मेदारी तय करें, जिससे कार्रवाई की जा सके।
कहा कि असंतोषजनक शिकायतों की विभागीय अधिकारी स्वयं समीक्षा करें। बैठक में ईडीएम आकाश रंजन ने बताया कि माह अप्रैल में विभागों की ओर से शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षाकृत कम रुचि ली गई, जिस कारण शिकायतों के निस्तारण की स्थिति में गिरावट आई है। सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम नमामि गंगे योगेंद्र कुमार, डीएसओ सौम्या अग्रवाल, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण रणविजय सिंह, जिला दिव्यांग एवं सशक्तिकरण अधिकारी कृष्णपाल सिंह उपस्थित रहे।
