विकास भवन सभागार में शुक्रवार को कृषि विभाग की ओर से ई-लॉटरी का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण सुलभ कराना और खेती की लागत को कम करना है। किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की इस योजना के तहत जिलेभर से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। लॉटरी में नाम आने पर कई किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जबकि जिन किसानों का चयन नहीं हो पाया, उनमें निराशा भी स्पष्ट दिखी।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आरएस सब्बनवाड़ की अध्यक्षता में आयोजित ई-लॉटरी के दौरान कटाई मशीनों, कृषि यंत्रों और कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए पारदर्शिता के साथ चयन किया गया। जिला कृषि अधिकारी बुद्धदेव द्विवेदी ने चयनित किसानों को आवश्यक निर्देश देते हुए बताया कि वे कृषि मशीनरी की खरीद से संबंधित बिल निर्धारित समयावधि के भीतर पोर्टल पर अपलोड कर दें, ताकि सब्सिडी की राशि बिना किसी विलंब के सीधे उनके खाते में भेजी जा सके। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. बालगोविंद श्रीवास्तव, दीपक कुशवाहा, महेंद्र शर्मा और अविनाश सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इन उपकरणों के लिए हुआ चयन
विभाग के अनुसार, यंत्रों के कुल 512 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 5,000 से 25,000 रुपये तक की सब्सिडी वाले यंत्रों के लिए 212 किसानों का चयन किया गया, जबकि 50,000 से छह लाख रुपये तक की सब्सिडी वाले बड़े यंत्रों के लिए 85 किसानों का चयन हुआ। लाभांवित किसानों में जनपद के सभी आठों ब्लॉक के किसान शामिल हैं। किसानों को प्रमुख यंत्रों में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम वाला कंबाइन हार्वेस्टर, कल्टीवेटर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर मशीन, पावर वीडर, रोटावेटर, लेजर लैंड लेवलर, सुपर सीडर और हैरो दिए गए हैं
