श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। शहर के श्रीकृष्ण मंदिरों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। रात 12 बजे कान्हा के जन्म लेते ही मंदिरों में घंटे-शंख गूंज उठे। सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही।
श्री मुरली मनोहर मंदिर के पुजारी बसंत विष्णु गोलवलकर और लक्ष्मणकृष्ण गोलवलकर ने बताया कि सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। 7 बजे राजोपचार पूजन किया गया। इसके बाद शृंगार आरती, भजन और कीर्तन हुए। शाम 4.30 बजे दूध-दही से भगवान का पंचामृत अभिषेक हुआ। शाम 7 बजे शृंगार आरती की गई। रात 10.30 बजे केशवकृष्ण गोलवलकर ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। रात 12 बजे जन्मोत्सव की महाआरती की गई। पुजारी के अनुसार, 5 सितंबर को शाम 7 बजे नंदोत्सव मनाया जाएगा।
माखन-मिश्री की हुई खूब बिक्री
ज्यादातर महिलाओं ने घरों में माखन चोर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। उन्होंने मेवा से गुड़ के लड्डू और दूध, दही व मेवा से पंचामृत तैयार किया। घरों में बंदनवार लगाए गए और केले के पत्तों से पूजा स्थल सजाए गए। जीवनशाह तिराहा स्थित सरवरिया स्वीट्स के संचालक देवेंद्र कुमार सरवरिया ने बताया कि जन्माष्टमी पर विशेष माखन मिश्री की छोटी हांडी और कॉम्बो प्रसाद की खूब बिक्री हुई। इलाइट चौराहा स्थित वंदना स्वीट्स के संचालक किशोर कुमार अग्रवाल ने मोतीचूर के लड्डू व काजू की बर्फी की अच्छी बिक्री की जानकारी दी। कुम्हारवाली गली बिसाती बाजार में हृयारण स्वीट्स के संचालक नवनीत हृयारण ने दूध, दही के अलावा गुड़ के विशेष लड्डू की बिक्री बताई।
