झांसी-उरई के बीच चार लेन हाईवे को छह लेन में बदलने की परियोजना पर टेंडर मांगे गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। करीब 135 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को तीन खंडों में बांटकर कार्य कराया जाएगा। इसके लिए तीन अलग-अलग क्षेत्रों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। 22 अक्तूबर को टेंडर खुलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
झांसी-कानपुर हाईवे को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किए जाने की परियोजना पर को लेकर एनएचएआई ने दो भागों में बांटकर सर्वेक्षण कराया था। झांसी-उरई और झांसी-बारा के सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद दोनों की डीपीआर तैयार कर केंद्र में स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। पहले चरण में झांसी-उरई हाईवे की डीपीआर स्वीकृति होने के बाद एनएचएआई ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन खंडों में होगा काम
एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि करीब 135 किलोमीटर लंबे हाईवे पर कार्य तेजी से पूरा कराने के लिए इसे तीन खंड में बांटा गया है। एक सितंबर को टेंडर जारी किए गए हैं। 22 अक्तूबर को टेंडर खोले जाएंगे। टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड के बाद टेंडर फाइनल किया जाएगा। टेंडर मिलने के बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
43,95,71,00,000 की लागत से दो साल में होगा कार्य पूरा
एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि झांसी-उरई छह लेन हाईवे का निर्माण 730 दिन यानी करीब दो साल में पूरा कराया जाएगा। इसके लिए तैयार डीपीआर के आधार पर कार्य कराया जाएगा। तीन खंड में होने वाले कार्य का 43,95,71,00,000 रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसमें रोड अंडर ब्रिज व रोड ओवर ब्रिज से लेकर सभी निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाएगा।
खंड और क्षेत्र का नाम लागत
सिजवाहा (झांसी) से सुल्तानपुरा (चिरगांव) : 14,53,66,00,000 रुपये
सुल्तानपुरा (चिरगांव) से इंगुई खुर्द (कोंच) 17,11,70,00,000 रुपये
इंगुई (कोंच) से बंधागांव (उरई) 12,30,35,00,000 रुपये
