ट्रेनों के लगेजयान की सील तोड़कर चलती गाड़ी से माल गिराकर चोरी करने वाले शातिर गिरोह के पांच आरोपी आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए। आरपीएफ ने पकड़े गए गिरोह की निशानदेही पर चार क्विंटल इलायची और 60 किलो होजरी का सामान बरामद कर लिया है। आरपीएफ ने चोरी में प्रयुक्त ई-रिक्सा के अलावा दो बाइक जब्त ली है। आरपीएफ गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गाड़ियों के लगेजयान की सील तोड़कर सामान चोरी करने की घटनाएं सामने आने के बाद आरपीएफ स्टेशन पोस्ट प्रभारी योगेश राणा के नेतृत्व में टीम का गठन कर पूरे मामले का खुलासा कर सामान बरामदगी के आदेश जारी किए गए थे। प्रभारी निरीक्षक ने प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला श्रीनगर में रहने वाले दीनानाथ, जितेंद्र, ओमकार, दीपक के अलावा मध्य प्रदेश के गांव सातार थाना ओरछा निवाड़ी में रहने वाले पंकज अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए चोरों की निशानदेही पर आरपीएफ ने चार क्विंटल इलायची, करीब 60 किलो होजरी का सामान बरामद कर लिया। सीनियर डीएससी ने बताया कि उक्त सभी अपने अन्य साथियों के साथ चलती गाड़ियों के लगेजयान से बुकशुदा माल गिराकर ई-रिक्सा व दो बाइकों पर लादकर ले जाते थे। जिसे आरपीएफ ने जब्त कर लिया है। पूछताछ में उक्त गिरोह ने दो गाड़ियों की सील तोड़कर माल चोरी की घटना कबूल की है। अभी पूछताछ चल रही है। जल्द ही गिरोह के अन्य साथी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
पाल कॉलोनी के समीप गिराते थे सामान
लगेजयान की सील तोड़कर माल चोरी करने वाले शातिर गैंग ने पाल कॉलोनी को अड्डा बना रखा था। गाड़ियों के आने पर वह चलती ट्रेन की सील तोड़कर माल गिराते थे और पलक-झपकते ही पूरा माल मौके से गायब कर देते थे। जिससे चोरी की सूचना के बाद आरपीएफ को घटना स्थल पर कोई भी सुराग तक नहीं मिलता था। सीनियर डीएससी जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गैंग को पकड़ने के लिए सिविल पुलिस के साथ मिलकर आरपीएफ ने लंबी प्लानिंग की। इसके बाद उक्त गिरोह के पांच सदस्य हत्थे चढ़ सके।
खंगाले तमाम सीसीटीवी फुटेज
आरपीएफ को जब घटना स्थल पर सुराग नहीं मिले तो रेल लाइन से सटकर निकलने वाली सड़कों पर लगे तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े। काफी प्रयास के बाद पकड़ में आया कि जब घटना हुई तो पाल कॉलोनी के पास से ही ई-रिक्सा में सामान लादकर गिरोह ले जाता मिला। आरपीएफ ने इन्ही सबूतों को जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
