पानी के लिए झांसी की जीवनरेखा माने जाने वाले माताटीला बांध के स्लूस गेट बदले जा रहे हैं। ये गेट 40 साल से खराब पड़े थे। गेट नहीं खुलने से बांध के अंदर गाद जमा होती जा रही है। अब इस गाद को बाहर निकालने के लिए बांध की 50 फीट गहराई में स्लूस गेट बदले जा रहे हैं। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। मानसूनी सीजन से पहले यह काम पूरा होने की उम्मीद है। इससे बांध की भंडारण क्षमता में करीब 10 फीसदी बढ़ सकेगी।

वर्ष 1964 में यह बांध पहली दफा पूरी क्षमता से भरा गया था, उसके बाद से झांसी के लोगों की प्यास बुझाने में इसी बांध के पानी का इस्तेमाल होता है। समय के साथ बांध में गाद भरने से इसकी भंडारण क्षमता घटती जा रही है। सिंचाई अफसरों के मुताबिक गाद निकालने के लिए बांध में दो अंडर स्लूस गेट बने थे। वर्ष 1983 की बाढ़ में यह दोनों स्लूस गेट खराब हो गए। तब से यह नहीं खोले गए। बांध के भीतर गाद भरती गई। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुरुआत में बांध में 1132.7 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी का भंडारण होता था लेकिन अब घटकर यह महज 641.06 एमसीएम रह गया है।

गाद भर जाने से 507 एमसीएम पानी का भंडारण नहीं हो पाता। इसको देखते हुए स्लूस गेट ठीक कराने का प्रस्ताव बना। यह काम बांध के गेट का रखरखाव करने वाले बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड को सौंपा गया। यह इकाई खास तौर से पानी की गहराई में भी काम करने में विशेषज्ञता रखती है। अधिशासी अभियंता प्रणव सिंह का कहना है कि चार स्लूस गेट लगाने का काम शुरू करा दिया गया है। पूरे देश में इतनी गहराई में स्लूस बदलने का पहली बार काम हो रहा है। इससे बांध की भंडारण क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।

गाद निकालने में 25 हजार करोड़ के खर्च का अनुमान

माताटीला बांध में गाद भरने की वजह से कुछ साल पहले शासन ने इसकी सफाई कराने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद माताटीला डिवीजन ने सर्वे आरंभ कराया। इसमें गाद साफ कराने में ही करीब 25 हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान किया गया था जबकि नए बांध को बनाने में 2000 करोड़ का खर्च था। ऐसे में यह फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

यह है स्लूस गेट की विशेषता

स्लूस गेट बांध, नहर या जलाशय में पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने वाला लोहे का भारी गेट होता है। माताटीला बांध में लगाए जा रहे अंडर स्लूस गेट की सबसे बड़ी भूमिका बांध के भीतर जमा गाद (सिल्ट) और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें