ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं रोकने के लिए रेलवे ने सख्ती बढ़ा दी है। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरपीएफ को दो ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं।
पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि आरपीएफ ने सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए दो ड्रोन खरीदे हैं। एक ड्रोन झांसी व दूसरा ग्वालियर आरपीएफ को उपलब्ध कराया गया है। इन ड्रोन के जरिये रेलवे ट्रैक व आसपास के क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि, शरारती तत्व या ट्रेन पर पथराव करते हुए व्यक्ति दिखाई देता है तो तुरंत उसे गिरफ्तार किया जाएगा। आरपीएफ व जीआरपी कर्मी रेलवे ट्रैक के किनारे नियमित पैदल गश्त भी कर रहे हैं। उन इलाकों में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जहां ट्रेन पर पथराव की घटनाएं होती हैं। वहां सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं पत्थरबाज
आरपीएफ अफसरों के अनुसार झांसी मंडल में सिथौली व सोनागिर के बीच शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना में रेल लाइन किनारे झोपड़पट्टी के बच्चे पकड़े गए थे। उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। वहीं, वंदेभारत एक्सप्रेस पर पथराव करने पर आरपीएफ ने कबाड़ बीनने वाले नशेबाज को गिरफ्तार किया था। आरपीएफ के अनुसार ज्यादातर स्थानों पर रेलवे पटरियों के आसपास झुग्गियां हैं। पटरियों के पास खेल रहे बच्चे वहां से गुजरने वाली ट्रेनों पर पत्थर फेंकते हैं। कुछ मामलों में शराबी व आपराधिक किस्म के लोग भी ट्रेनों पर पत्थर फेंकते हुए पकड़े जा चुके हैं।
