नवाबाद के मैरी गांव में नब्बे साल की रजकू देवी की मौत के बाद उसके पौत्र भीमा ने हंगामा शुरू कर दिया। अंतिम संस्कार की तैयारियों को रूकवा कर पुलिस बुला ली। अपने पिता एवं बहन पर हत्या कर देने का आरोप लगाने लगा। पुलिस ने भी पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है। छानबीन करने के साथ ही पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को चीरघर भेज दिया गया है।
रजकू देवी (90) पत्नी गोविंद दास अपने बेटे मातादीन के साथ रहती थीं। मातादीन के 3 बेटी नीलम, मंजू और चाहत समेत 2 बेटे भीमा व अभिषेक हैं। इनमें अभिषेक अविवाहित है। वह एक मामले में ललितपुर जेल में बंद है। बुधवार को मातादीन बेटी के साथ उससे मिलने ललितपुर जेल गया था। उसी दौरान रजकू देवी की मौत हो गई। घर में चींटी-चींटा ने उनके चेहरे को कुछ हद तक नष्ट कर दिया। शाम को लौटने पर रजकू देवी मृत अवस्था में मिलीं। परिवार के लोग शुक्रवार को अंतिम संस्कार की तैयारी में थे तभी, भीमा ने पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि रजकू देवी काफी समय से बीमार थीं। मधुमेह के रोगियों में ऐसा होता है। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही रजकू देवी की मौत की सही वजह मालूम चल सकेगी।
