नवाबाद थाना क्षेत्र के नारायण बाग निवासी भारती पांडेय ने जमीन रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा के आरोप में 12 साल बाद चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। भुक्तभोगी महिला का आरोप है कि फर्जीवाड़ा करके उसके नाम रजिस्ट्री करके उससे 2.50 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने ऋषि श्रीवास, मुन्ना उर्फ शिशुपाल, पूर्व प्रधान अर्जुन यादव और मुन्ना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
भारती पत्नी अशोक पांडेय ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2014 में ऋषि श्रीवास ने बाजना में हाईवे के पास किफायती दर पर प्लॉट दिलाने की बात कही थी। दोनों ने दो लाख रुपये में प्लॉट का सौदा तय किया। एक लाख रुपये एडवांस मांगे। आरोप है कि 28 मार्च 2014 को रजिस्ट्री कराने के 50 हजार रुपये भी ले लिए। रजिस्ट्री के दौरान मुन्ना पुत्र दिबिया की पहचान राशन कार्ड के आधार पर कराई गई। ऋषि श्रीवास ने इसकी गवाही दी। रजिस्ट्री के बाद आरोपी दाखिल-खारिज के लिए राजी नहीं हुए। वर्ष 2026 में जांच कराने पर मालूम चला कि वर्ष 2014 में मुन्ना पुत्र दिबिया नाम का व्यक्ति कोई नहीं है। आरोप है कि किसी अन्य व्यक्ति को मुन्ना बताकर फर्जी राशन कार्ड तैयार कराया गया। उस आधार पर रजिस्ट्री कराई गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज करके मामले की विवेचना शुरू करा दी गई है।
