बहुजन समाज पार्टी में भीतरी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मुख्य मंडल प्रभारी के तौर पर रविकांत मौर्या की वापसी हो गई वहीं, यहां से वरिष्ठ नेता लालाराम अहिरवार को चित्रकूट भेजा गया है।
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बहुजन समाज पार्टी में भीतरी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मुख्य मंडल प्रभारी के तौर पर रविकांत मौर्या की वापसी हो गई वहीं, यहां से वरिष्ठ नेता लालाराम अहिरवार को चित्रकूट भेजा गया है।
लोकसभा चुनाव के बाद से बसपा में संगठनात्मक घमासान छिड़ा है। स्थानीय स्तर पर दो गुटों के बीच जोर आजमाइश चल रही है। कुछ महीने पहले मुख्य मंडल प्रभारी पद से रविकांत मौर्या को हटा दिया गया, उनकी जगह मंडल की कमान लालाराम अहिरवार को सौंपा गया। लालाराम के खिलाफ स्थानीय स्तर पर पार्टी नेता सक्रिय हो गए। उनके काम संभालने के बाद से पार्टी में गुटबाजी एवं अनुशासनहीनता की शिकायत आला कमान के पास पहुंचने लगी। पिछले महीने बसपा सुप्रीमो की बुलाई बैठक के बाद से लालाराम अहिरवार को पद से हटाने की चर्चा चल निकली थी। मंगलवार को आखिरकार लालाराम को हटाकर दोबारा से रविकांत को जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसी तरह जिलाध्यक्ष के पद पर भी किसी को महज दो-तीन माह ही काम करने का मौका मिल रहा है।
पार्टी नेताओं को भी आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर पड़ने की आशंका सता रही है। दोबारा जिम्मेदारी मिलने पर मुख्य मंडल प्रभारी रविकांत ने खुशी जताते हुए विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को एक जुट करने की बात कही है।