मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद दौरे के पहले दिन दीनदयाल सभागार के मंच से शुरू हुई भाजपा नेताओं की नाराजगी अब सोशल मीडिया तक पहुंच गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पोस्ट कर अपनी पीड़ा जाहिर की तो वहीं पूर्व मंत्री ने भी झांसी संगठन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। इससे पार्टी नेताओं के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।

शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम की कुर्सी दूसरी पंक्ति में लगाई गई थी। इसे लेकर वह नाराज हो गए और जिला प्रभारी के सामने आपत्ति दर्ज कराने के बाद मुख्यमंत्री के आने से पहले ही कार्यक्रम स्थल से चले गए। इसके बाद देर रात उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने लिखा कि आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं होता। हम वीरांगना झलकारीबाई के वंशज हैं। हमने महारानी की रक्षा के लिए सिर कटवा दिए, अंग्रेजों की पेंशन नहीं खाई। ऐसे दस मंच कुर्बान। हालांकि रविवार दोपहर उन्होंने यह पोस्ट हटा दी।

बीजेपी के पूर्व मंत्री ने लिखा-  भाजपा में वरिष्ठजनों का अपमान आम बात

मामला शांत होता नजर आया लेकिन रविवार रात पूर्व शिक्षा मंत्री रवींद्र शुक्ला की सोशल मीडिया पोस्ट ने फिर चर्चा बढ़ा दी। उन्होंने लिखा कि झांसी भाजपा में वरिष्ठजनों का अपमान आम बात हो गई है। शिक्षक विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष को मंच पर उचित स्थान न देना निंदनीय है। डॉ. बाबूलाल तिवारी की प्रतिक्रिया भी इसी पीड़ा को दर्शाती है।

पूर्व मंत्री ने आगे लिखा कि उन्हें भी संगठन की ओर से कोई सूचना नहीं दी जाती और लगातार उपेक्षा महसूस होती है। इसलिए वह भी बिना बुलाए कार्यक्रमों में नहीं जाते, क्योंकि झांसी की जनता ने जो सम्मान और स्नेह दिया है, उसकी रक्षा करना उनका नैतिक दायित्व है।

सोशल मीडियो पोस्ट साझा कर रहे समर्थक

इन नेताओं की पोस्ट को समर्थक सोशल मीडिया पर साझा करने लगे। वरिष्ठ नेताओं की ओर से सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताने के बाद भाजपा के अंदरखाने की स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्यकर्ताओं में महानगर संगठन के कुछ पदाधिकारियों की कार्यशैली को लेकर असंतोष की बात भी सामने आ रही है। इस मामले में जिला प्रभारी संत विलास शिवहरे ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की विस्तृत जानकारी नहीं है।

अध्यक्ष ने जिला पंचायत कार्यालय में ही किया योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने अपने कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ योग किया। वह किले की तलहटी स्थित मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री के योग शिविर में शामिल नहीं हुए, जबकि अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे। यह भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ बताता रहा।



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