एसएनसीयू में आग लगने से 18 नवजातों की मौत के मामले में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। सीजेएम कोर्ट ने जिला प्रशासन से अब तक हुई जांच और पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद डीएम ने जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा और डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री को अधिकृत किया है।

सोमवार को दोनों अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घटना से जुड़े दस्तावेज, जांच रिपोर्ट समेत अन्य पत्रावलियां अपने साथ ले गए। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की ओर से 26 जून तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

गौरतलब है कि 15 नवंबर 2024 की रात करीब 10:40 बजे एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में एक्सटेंशन कोड में स्पार्किंग से निकली चिंगारी ने आग का रूप ले लिया था। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग कर्मी जब तक भर्ती शिशुओं को बाहर निकालते, तब तक 10 बच्चों की झुलसने से मौत हो चुकी थी। सुरक्षित निकाले गए करीब आठ अन्य शिशुओं ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

मामले में शासन ने पहले मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे से प्राथमिक जांच कराई थी, जिसमें शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की तत्कालीन महानिदेशक किंजल सिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच की। टीम ने मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता भदौरिया, तत्कालीन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेल, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया और जेई सुजीत समेत कई लोगों से पूछताछ की थी।

जांच के बाद डॉ. एनएस सेंगर को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था, जबकि जेई संजीत कुमार, एसएनसीयू सिस्टर इंचार्ज संध्या राय और प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर को निलंबित किया गया था। बाद में शासन ने मंडलायुक्त कानपुर से विस्तृत जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट भी शासन को सौंपी गई। बताया जा रहा है कि आरटीआई एक्टिविस्ट अमित गोयल ने इस अग्निकांड को लेकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसी पर सीजेएम कोर्ट ने डीएम से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

इन्होंने यह कहा

सीजेएम कोर्ट ने पूरे घटनाक्रम को लेकर रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट और डिप्टी सीएमओ की टीम गठित की है। – डॉ. शिशिर पुरी, सीएमओ



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