Muzaffarnagar। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सोमवार देर रात पुलिस और एक कुख्यात इनामी बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पुलिस के अनुसार 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू को संयुक्त कार्रवाई के दौरान घेर लिया गया। मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बदमाश की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी की मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मृतक सतपाल उर्फ सत्तू कई राज्यों में वांछित था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म समेत दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। हाल ही में सामने आए एक नाबालिग किशोरी अपहरण मामले में भी उसकी तलाश की जा रही थी।
#Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर में एनकाउंटर, सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू मारा गया। फरवरी 2026 में लुधियाना जेल से फरार हुआ। तब से अब तक 6 लड़कियों का अपहरण करके रेप करने का आरोप था। दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। छोटा राजन गैंग के लिए भी काम करता था। pic.twitter.com/VXjE5nQ8ck
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नाबालिग किशोरी अपहरण प्रकरण की जांच से पहुंची पुलिस आरोपी तक
पुलिस के अनुसार 19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के प्रकाश चौक से एक नाबालिग किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
बताया गया कि आरोपी की तलाश में पुलिस की दस विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा टोल प्लाजा रिकॉर्ड, तकनीकी सर्विलांस और अन्य डिजिटल माध्यमों की सहायता से आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया गया।
पुलिस का दावा है कि जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने किशोरी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। बाद में उसे दूसरे राज्य में ले जाकर बंधक बनाकर रखा गया और गंभीर अपराध को अंजाम देने के आरोप भी जांच में सामने आए। इसके बाद आरोपी कथित रूप से फरार हो गया था।
बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर पुलिस और बदमाश आमने-सामने
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोमवार देर रात सिविल लाइंस पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर की एक कार पुलिस को संदिग्ध प्रतीत हुई।
पुलिस ने वाहन को रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेजी से भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया और कुछ दूरी पर घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार घिरता देख आरोपी ने कार छोड़ दी और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी द्वारा की गई गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत
मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। हालांकि उसकी हालत गंभीर बनी रही और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
उधर, घायल पुलिसकर्मियों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार दोनों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।
मौके से हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ स्थल से कई महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद की गई हैं। इनमें .32 बोर की पिस्टल, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड तथा वारदात में प्रयुक्त कार शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने दावा किया है कि अपहृत किशोरी से संबंधित कुछ सामान भी बरामद किया गया है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। बरामदगी के आधार पर पुलिस आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है।
चार राज्यों में फैला था आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस सूत्रों के अनुसार सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नू राम, चंडीगढ़ के रामदरबार सेक्टर-32 क्षेत्र का निवासी था। जांच एजेंसियों के अनुसार उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 24 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है और वह कई वर्षों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के रडार पर था। पुलिस के अनुसार वह लगभग 15 वर्षों तक विभिन्न मामलों में जेल में रह चुका था।
लुधियाना जेल से फरारी के बाद फिर सक्रिय हुआ था अपराधी
पुलिस के अनुसार आरोपी फरवरी 2026 में लुधियाना जेल से फरार हो गया था। इसके बाद से विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान वह लगातार अपनी पहचान बदलकर विभिन्न स्थानों पर रह रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और बदलते ठिकानों का इस्तेमाल करता था। इसी कारण उसकी तलाश चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस व्यक्ति का सहयोग मिला और उसने किन क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां संचालित कीं।
छोटा राजन गैंग से जुड़ाव का दावा, पुलिस कर रही विस्तृत जांच
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में आरोपी का नाम कुख्यात अपराधी छोटा राजन गैंग से जुड़े एक सक्रिय सदस्य और शूटर के रूप में सामने आया है। हालांकि उसके विभिन्न आपराधिक संबंधों और नेटवर्क की गहन जांच अभी जारी है।
विशेष टीमें उसके पुराने संपर्कों, आर्थिक स्रोतों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले की जांच से कई अन्य आपराधिक मामलों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
घायल पुलिसकर्मियों से मिले अधिकारी, बेहतर उपचार के निर्देश
मुठभेड़ में घायल दोनों पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार जारी है। एसपी सिटी अमृत जैन अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने घायल कर्मियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आगे की जांच पर टिकी निगाहें
मामले के बाद अब पुलिस आरोपी के पूरे आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसके मोबाइल फोन, दस्तावेजों और अन्य बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान उसने किन-किन लोगों से संपर्क बनाए रखा था।
कानूनी प्रक्रिया के तहत मुठभेड़ और आरोपी की मृत्यु से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
मुजफ्फरनगर में हुई इस मुठभेड़ ने हाल ही में दर्ज नाबालिग अपहरण मामले सहित कई गंभीर अपराधों की जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस के अनुसार मृत आरोपी विभिन्न राज्यों में लंबे समय से वांछित था और उसके खिलाफ अनेक संगीन मुकदमे दर्ज थे। वहीं, पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जांच अभी जारी है। पुलिस आरोपी के नेटवर्क, फरारी के दौरान की गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जबकि घायल पुलिसकर्मियों का उपचार अस्पताल में जारी है।
