झांसी विकास प्राधिकरण ने सालभर में अवैध निर्माण के खिलाफ जितनी कार्रवाई की है, उससे ज्यादा कॉलोनियां बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अभी बस रही हैं। जब-जब कार्रवाई का कोरम पूरा करना होता है तो जेडीए इक्का-दुक्का भवनों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई कर देता है। जेडीए की सुस्ती से ही अवैध निर्माण से बेतरतीब तरीके से ये कॉलोनियां विकसित हो रही हैं।
किसी भी आवासीय, व्यावसायिक या मिश्रित उपयोग के भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। जमीन आवासीय, व्यावसायिक यानी जिस उपयोग के लिए दर्ज है, उसी के अनुसार नक्शा पास होता है। नक्शा पास कराने के लिए व्यावसायिक भवनों में पार्किंग से लेकर फायर सेफ्टी के भी नियम बने हुए हैं। बिना स्वीकृति निर्माण या नक्शे के विपरीत निर्माण पर नोटिस, सीलिंग से लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का प्रावधान है। इन नियमों को दरकिनार करते हुए झांसी में अवैध कॉलोनियों का जाल फैलता जा रहा है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि पर तेजी से प्लॉट काटे जा रहे हैं। कई जगह सड़क, नाली सीवर और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना ही लोगों को भूखंड बेचे जा रहे हैं।
बताया गया कि गरियागांव में विभिन्न कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इनमें कई कॉलोनियाें का जेडीए से नक्शा पास नहीं है। इसके अलावा बल्लमपुर रोड पर भी कुछ अवैध कॉलोनियाें में भूखंडों की बिक्री की जा रही है। इसके अलावा भट्टागांव और सिंगर्रा में भी कुछ अवैध कॉलोनियां बस रही हैं। रक्सा, बिजौली, बड़ागांव गेट बाहर से लेकर भोजला आदि क्षेत्रों में भी ऐसी ही स्थिति है। लेकिन जेडीए प्रशासन दो से तीन सप्ताह में एक-दो मकान सील करके अपनी पीठ थपथपाता रहता है।
ये हैं कार्रवाई के आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक अप्रैल से 31 मार्च तक के आंकड़े देखें तो जेडीए ने 15 सीलिंग की कार्रवाई की है। जबकि ध्वस्तीकरण की नौ कार्रवाई हुई। इसके अलावा अवैध या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण होने पर 14 के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इस साल जनवरी से अब तक ये मुख्य कार्रवाई हुईं
छह जनवरी को टाकोरी रोड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 200 वर्ग मीटर का भवन सील हुआ।
19 मार्च को करगुवां मौजा में बिना मानचित्र स्वीकृत बन रहे तीन भूखंडों को सील किया गया।
16 अप्रैल को लहरगिर्द में 400 वर्ग मीटर में बिना नक्शा पास कराए बन रहे भवन की भी सीलिंग हुई।
24 अप्रैल को मसीहागंज में 150 वर्ग मीटर में बिना स्वीकृत मानचित्र बन रहा भवन भी सील किया गया।
कमेटी बनाकर जांच करवाई जा रही है। जहां भी अवैध निर्माण होता मिला, वहां सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। – हिमांशु गौतम, उपाध्यक्ष, जेडीए।
