जिले में बालू के अवैध भंडारण का खेल खुलेआम चल रहा है। पट्टाधारक कंपनियां नेशनल हाईवे और प्रमुख जिला मार्गों के किनारे बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण कर रही हैं, जबकि नियम इसकी अनुमति नहीं देते। भारी डंपरों की आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं लेकिन संबंधित विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके हैं।

झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर ध्वानी-चिरगांव क्षेत्र की सर्विस लेन के किनारे बालू का बड़ा ढेर लगा हुआ है। इसके अलावा चिरगांव-गुरसराय मार्ग और पूंछ रोड के किनारे भी जगह-जगह बालू का भंडारण किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार भारी वाहनों के आवागमन से सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ दिन पहले कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित दिशा समिति की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। बैठक में सांसद अनुराग शर्मा ने भी अधिकारियों को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। एडीएम न्यायिक अरुण कुमार का कहना है कि हाईवे और अन्य प्रमुख सड़कों के किनारे बालू का अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।

अवैध भंडारण से बढ़ रही परेशानी

सड़क किनारे बालू के ढेर और भारी डंपरों की आवाजाही से राहगीरों और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों की हालत और खराब हो जाएगी।

नेशनल हाईवे किनारे बालू भंडारण की जानकारी मिली है। एनएचएआई की ओर से इसके लिए कोई एनओसी जारी नहीं की गई है। प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद पुलिस और खनन विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अवैध भंडारण हटवाया जाएगा। – मनोज कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों के किनारे बालू का भंडारण पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। दिशा समिति की बैठक में भी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी, लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। अब इस मामले की शिकायत शासन से की जाएगी। – पवन कुमार गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष

क्या कहते हैं नियम

नेशनल हाईवे और उसकी सर्विस लेन पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या सामग्री का भंडारण प्रतिबंधित है।

सड़क किनारे अवैध भंडारण से यातायात बाधित होने और दुर्घटना का खतरा बढ़ने पर संबंधित एजेंसियां सामग्री हटाने और कार्रवाई करने की अधिकारी होती हैं।

ओवरलोड डंपरों से सड़क को नुकसान होने पर संबंधित संचालकों से क्षतिपूर्ति भी वसूली जा सकती है।

सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना संबंधित विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी है।



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