झांसी/उरई। अपने छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झांसी जेल में बंद अली अहमद शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज के लिए रवाना हुआ। इसके पहले सुबह करीब 9 बजे सीओ महेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ जिला जेल पहुंचे। उनके साथ अली को लेकर जाने वाला वाहन भी लाया गया। हाईकोर्ट के साफ निर्देशों को देखते हुए इस वाहन की खिड़कियां तक परदे से ढक दी गई थीं। मीडियाकर्मियों को देखकर भी अली ने उनसे कोई बात नहीं की। वह सीधे गेट के बाहर खड़े वाहन में बैठ गया। इसके बाद सभी वाहन प्रयागराज की ओर रवाना हो गए।
जेल सूत्रों ने बताया अली को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के रास्ते प्रयागराज ले जाया जाना था। पुलिस कर्मियों को भी इस संबंध में निर्देश थे लेकिन, उरई के बाहर बड़ागांव क्षेत्र पहुंचते ही काफिला रोका दिया गया। अचानक काफिला रुकने से आसपास हलचल मच गई लेकिन, महज दो मिनट बाद ही काफिला बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के बजाए झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर मुड़ गया। काफिले में जालौन पुलिस के वाहन भी शामिल हो गए। इसके बाद काफिला झांसी-कानपुर मार्ग से आगे बढ़ गया और यमुना पुल पार करते हुए कानपुर देहात के रास्ते आगे निकला। पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए काफिले का रूट बदला गया। एसपी विनय सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से बराबर नजर रखी गई।
