झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास में परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता को लेकर प्रथम वर्ष की छात्राओं ने गुरुवार को कड़ा विरोध जताया। हंगामे की सूचना मिलते ही चीफ प्रॉक्टर मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान छात्राओं ने एक्सपायरी डेट का खराब दूध का पैकेट भी दिखाया। मामले में यह तय हुआ है कि अब छात्राओं को दूध उबालकर दिया जाएगा।
बीयू प्रशासन के अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास प्रथम वर्ष की छात्राओं को अस्थायी रूप आवंटित किया गया है। बताते हैं कि बृहस्पतिवार को छात्राओं को फिर खाने की गुणवत्ता खराब लगी तो उन्होंने वार्डन से शिकायत की मगर अनसुना कर दिया गया। इस पर गुस्साई छात्राएं शाम को एकजुट होकर चीफ प्रॉक्टर प्रो. विनीत कुमार से मिलने विभाग पहुंच गई। मामले की गंभीर देख उन्होंने हॉस्टल में ही बात करने की बात कहकर लौटा दिया। कुछ समय बाद चीफ प्रॉक्टर हॉस्टल पहुंचे तो छात्राओं ने खाने की गुणवत्ता खराब बताते हुए विरोध किया। कुछ छात्राओं ने दूध का पैकेट दिखाते हुए कहा कि एक्सपायरी डेट का दिया जा रहा है, जो खट्टा हो गया है। वार्डन प्रो. ज्योति मिश्रा ने कहा जब दूध को उबाला नहीं जाएगा तो वह रखे-रखे खराब ही होगा। खाने की गुणवत्ता खराब होने की कोई बात नहीं है। वहीं, चीफ प्रॉक्टर प्रो. विनीत कुमार ने बताया कि खराब दूध की शिकायत पर तय हुआ है कि अब बच्चियों को दूध उबाल कर दिया जाएगा। खाने की गुणवत्ता पर खास शिकायत नहीं थी।
