झांसी। जियारत के लिए बरेली जा रहे झांसी के चार अकीदतमंदों की बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर मौत हो गई। रविवार सुबह उन सभी के शवों के घर पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया। गोविंद का बगीचा मोहल्ले में जमाल के साथ उसकी भांजी रेहाना और बड़ी बहन शकीला का शव पहुंचा, जबकि फिरोज का शव उनके भंडेरी गेट स्थित आवास पहुंचा। घर के बाहर मोहल्ले के लोग भी जुट गए।
सुबह सात बजे गोविंद का बगीचा मोहल्ले में घर से जमाल, रेहाना और शकीला के जनाजे एक साथ उठे। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों का भी कलेजा चीर दिया। तीन जनाजों से लिपटकर परिजन बिलखते रहे। यह देख वहां मौजूद लोगों की आंखों भी नम हो आईं। तीनों का अंतिम संस्कार दतिया गेट स्थित बिसाती कब्रिस्तान में किया गया। जीविकोपार्जन के लिए जमाल कपड़ों का कारोबार करते थे। परिवार में पत्नी समेत दो बेटे हैं। उधर, पगड़ी वाले के नाम से मशहूर मो. फिरोज का अंतिम संस्कार फिल्टर रोड पर रंगरेजों का कब्रिस्तान के पास किया गया। फिरोज के परिवार में पत्नी समेत दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा तौहीद महज 11 साल का है। उर्स में शामिल होने की आस लेकर निकले परिवारों को यह अंदाजा भी नहीं था कि वापसी से पहले ही उनके घरों की खुशियां उजड़ जाएंगी।
मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराई गई ताहिरा
औरैया के अछल्दा गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसे में जमाल (50), शकीला बानो (62), रिहाना (45) एवं मो. फिरोज (45) की मौत हो गई जबकि साबिर अली (48) एवं ताहिरा बानो (8) घायल हो गए थे। साबिर को अधिक चोट न आने की वजह से उसकी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई जबकि ताहिरा के हाथ एवं पांव में फ्रैक्चर होने की वजह से उसे झांसी मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां उसका उपचार चल रहा है।
