झांसी। जन्मजात कटे होंठ और तालु की समस्या से पीड़ित बच्चों और मरीजों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने के लिए निशुल्क सर्जिकल सेवा अभियान की रविवार से शुरूआत हो गई। वीरांगना फाउंडेशन और ऑपरेशन स्माइल इंडिया के सौजन्य व महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सहयोग से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में एक से सात सितंबर तक सौ से अधिक बच्चों की सर्जरी की जाएगी।
सेवा अभियान का यह दूसरा आयोजन है। शुरू में 120 मरीजों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य था लेकिन अब तक 180 से ज्यादा बच्चों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। वीरांगना फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम शर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान वापस लाना है। अभियान के लिए 40 से 50 डॉक्टर और चिकित्सा स्वयंसेवकों की एक विशेष टीम तैयार की गई है। यह टीम स्क्रीनिंग, सर्जरी, एनेस्थीसिया और सर्जरी के बाद की देखभाल में सहयोग करेगी। इस विशेष अभियान में मेक्सिको, पेरू, यूएसए, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और नीदरलैंड सहित कई देशों के विशेषज्ञ चिकित्सक भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ भारत के अनुभवी डॉक्टर भी शामिल होंगे।
सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कटे होंठ एवं तालु से प्रभावित बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बच्चा बेहतर उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस दौरान मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर, ऑपरेशन स्माइल के वाइस प्रेसिडेंट अभिषेक, डॉ. अभिषेक मिश्रा आदि मौजूद रहे।
