झांसी। परवेज हत्याकांड के बाद प्रेमनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय समेत दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। चार दिन बाद भी थाने पर किसी की तैनाती नहीं हुई है। हैरानी की बात यह कि निलंबित होने के बावजूद थाने में दर्ज होने वाली सभी एफआईआर में प्रभारी निरीक्षक के तौर पर तुलसीराम पांडेय के ही ई-साइन हो रहे हैं।
20 सितंबर के बाद बुधवार तक प्रेमनगर थाने में छह अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। निलंबित होने के बावजूद इन सभी में थाना प्रभारी के तौर पर निरीक्षक तुलसीराम पांडेय के ही हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। इनमें चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी जैसे मामले भी हैं। इनकी प्राथमिकी में भी निलंबित निरीक्षक तुलसीराम पांडेय के ई-साइन हैं। बता दें, प्रेमनगर के नहर मोहल्ला निवासी परवेज अली गंभीर रूप से घायल हाल में 13 सितंबर की रात पुलिस को मिला था। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
पहले पुलिस इसे हादसा मानकर चल रही थी लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी पीट-पीटकर हत्या की बात सामने आई। इस मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इनमें प्रेमनगर थाने में तैनात आरक्षी आशीष सिंह भी शामिल है वहीं, वरिष्ठ अफसरों को समय पर सूचना न देने के आरोप में थान प्रभारी तुलसीराम पांडेय, आरक्षी राघवेंद्र सिंह एवं कुलदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया था। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक जल्द ही थाना प्रभारी की तैनाती की जाएगी।
