दतिया। इंदरगढ़ के शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास में भारी अव्यवस्थाओं और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मंगलवार को छात्रों की शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार दीपक यादव ने छात्रावास का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वहां एक भी छात्र मौजूद नहीं मिला और अधीक्षक डीएआर राहुल भी अनुपस्थित थे।
तहसीलदार की जांच में पाया गया कि रसोईघर में रखा आटा और चावल खराब स्थिति में था। कमरों के अंदर पलंग पर कुत्ते बैठे हुए मिले तथा पूरे परिसर में भारी गंदगी फैली हुई थी। मौके पर मौजूद चपरासी ने पूछताछ में बताया कि 15 अगस्त के बाद से छात्रावास में खाना तक नहीं बना है और व्यवस्थाएं ठीक न होने के कारण छात्र घर चले जाते हैं। इस औचक निरीक्षण के बाद तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
तहसीलदार की रिपोर्ट और कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के निर्देश पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जांच के लिए छात्रावास पहुंची। फूड इंस्पेक्टर संगीता सक्सेना ने प्रबंधन की मौजूदगी में रसोई में रखे खाद्यान्न की बारीकी से जांच की। इस दौरान आटा और चावल में कीड़े होने की पुष्टि हुई। टीम ने आटे के नमूने (सैंपल) लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
