झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की बेमियादी हड़ताल रात में समाप्त हो गई। यह हड़ताल यूपीकॉम निगम में समायोजन की मांग को लेकर की गई थी। आउटसोर्स के करीब 700 कर्मियों ने कामकाज ठप कर विरोध प्रदर्शन किया था।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर एक पर हड़ताल शुरू की। उन्होंने कई वर्षों से कॉलेज में सेवा देने और कोरोना काल में मरीजों की सेवा करने का हवाला दिया। कर्मियों ने भेदभाव, शोषण और नौ माह का पीएफ जमा न होने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की मंशा के बावजूद अफसर उन्हें यूपीकॉम निगम में समायोजित नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, अन्य एजेंसी के कर्मियों का ब्योरा भेजा गया है।
प्राचार्य ने बताया कि महानिदेशक ने उक्त कर्मियों का ब्योरा तैयार करने के लिए कहा है। उन्होंने शासन स्तर पर वार्ता करने का भरोसा भी दिया। इसके बाद सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने भी आंदोलित कर्मियों से बातचीत की। कुछ कर्मियों ने कहा कि उन्हें पहले भी कई बार भरोसा दिया गया है, लेकिन परिणाम शून्य रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समायोजन नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी।
विधायक ने डिप्टी सीएम से की बात
हड़ताल के पहले दिन ही इमरजेंसी और वार्डों में गंदगी फैलने लगी थी। मेडिकल प्रशासन ने स्थायी 40 कर्मियों की रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगाई। हड़ताली कर्मियों ने शोषण व उत्पीड़न के विरोध में अपनी अर्थी निकालकर नारेबाजी की। सदर विधायक रवि शर्मा ने कर्मचारियों के मुद्दे पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से फोन पर वार्ता की। पूरे दिन चली जद्दोजहद के बाद रात करीब 10 बजे हड़ताल खत्म हो गई।
