फसल काटते समय कुएं से पानी लेने गईं दो महिलाएं गिरीं, किशोर की फिसलने और युवक की नहाते समय डूबने से गई जान

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। जिले में खेतों और आबादी के आसपास खुले पड़े बिना मुंडेर के कुएं हादसों का कारण बन रहे हैं। पिछले चार दिनों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुएं में गिरने और डूबने की घटनाओं में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दो महिलाएं खेत में फसल काटते समय कुएं से पानी लेने गई थीं। वहीं एक किशोर के कुएं में फिसलकर गिरने और एक युवक की नहाते समय डूबने से मौत हुई।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों पर बने कई कुओं पर न तो मुंडेर है और न ही सुरक्षा घेरा। बारिश के दिनों में कुओं के आसपास की जमीन फिसलन भरी होने और उनमें पानी भरा होने से खतरा और बढ़ जाता है। खेतों में जाने वाले किसानों, बच्चों और मवेशियों के लिए ऐसे खुले कुएं हादसे का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर कुएं पगडंडियों के किनारे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है।

इन दिनों खेतों में उड़द और मूंग की फसल की कटाई चल रही है। फसल काटने के दौरान किसान और मजदूर खेतों में पहुंच रहे हैं। पानी की जरूरत पड़ने पर कई लोग खेतों में बने कुओं से पानी लेने जाते हैं। बारिश से आसपास की जमीन फिसलन भरी होने के कारण यहां हादसे की आशंका बनी रहती है।

पिछले चार दिनों में मदनपुर, बार, जखौरा और पाली थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने खुले कुओं को चिह्नित कर उनके चारों ओर मजबूत मुंडेर या सुरक्षा घेरा बनवाने की मांग उठाई है।


इन क्षेत्रों में चार दिन में चार मौत

19 सितंबर: थाना बार क्षेत्र के ग्राम तुर्का निवासी 55 वर्षीय बेनी बाई खेत में फसल काट रही थीं। इसी दौरान वह खेत में बने कुएं से पानी लेने गईं और उसमें गिर गईं। पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई।

19 सितंबर: थाना मदनपुर क्षेत्र के ग्राम बारई निवासी 28 वर्षीय प्रवेश भी खेत में फसल काटने गई थीं। पानी लेने के लिए कुएं के पास पहुंचीं, जहां पैर फिसलने से कुएं में गिर गईं। डूबने से उनकी मौत हो गई।

22 सितंबर: थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम कारी पहाड़ी निवासी 16 वर्षीय प्रिंस 20 सितंबर को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। 22 सितंबर को उसका शव कुएं में उतराता मिला। परिजनों ने आशंका जताई कि वह फिसलकर कुएं में गिर गया होगा।

21 सितंबर: थाना पाली क्षेत्र के ग्राम बजरंगढ़ निवासी 35 वर्षीय धर्मेंद्र कुएं में नहाते समय डूब गया। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।


बारिश में बढ़ जाता है खतरा

मानसून में बारिश के बाद अधिकांश कुओं में पानी का स्तर बढ़ गया है। कई खेतों में बने कुएं पगडंडियों के किनारे हैं और उनके चारों ओर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ऐसे में फसल कटाई के दौरान किसानों के कुएं के पास पहुंचने पर हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने खुले कुओं को चिह्नित कर उनके चारों ओर मजबूत मुंडेर या सुरक्षा घेरा बनवाने की मांग की है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *