झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के छात्र में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग ने बुधवार को छात्र का सैंपल जांच के लिए भेजा था। बृहस्पतिवार शाम आई रिपोर्ट में उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। छात्र को चार दिन पहले बुखार आया था। फिलहाल उसमें गंभीर लक्षण नहीं हैं और स्वाइन फ्लू के प्रोटोकॉल के तहत उपचार दिया जा रहा है।

सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर छात्र की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए टीमें गठित की हैं। टीमें शिवाजी नगर स्थित उसके किराये के कमरे के आसपास रहने वाले लोगों, क्लासमेट और बामौर में रहने वाले परिजनों की स्क्रीनिंग करेंगी। किसी में संदिग्ध लक्षण मिलने पर उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।

ऑक्सीजन पर भर्ती दो मरीजों के सैंपल भेजे

मेडिकल कॉलेज के चेस्ट एंड रेस्पिरेटरी विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमय शास्त्री ने बताया कि बृहस्पतिवार को निमोनिया और सांस लेने में दिक्कत के कारण एक बुजुर्ग को ऑक्सीजन बेड पर भर्ती किया गया। लक्षणों को देखते हुए उसका स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। वहीं, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने बताया कि ललितपुर के जखौरा निवासी छह वर्षीय बालक को निमोनिया और सांस लेने में दिक्कत के कारण ऑक्सीजन बेड पर भर्ती किया गया है। उसका भी स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। मेडिसिन वार्ड में तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत के नौ मरीज भर्ती हैं।

लक्षण दिखने पर खुद न करें इलाज : सीएमओ

सीएमओ ने बताया कि जिले में इनफ्लूएंजा-ए एच1एन1 से संक्रमित छात्र को चार दिन पहले बुखार आया था। उसमें किसी तरह के गंभीर लक्षण नहीं हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण होने पर नजदीकी चिकित्सालय में संपर्क करें। स्वयं से दवा न लें। हाथों की नियमित सफाई करें और छींकते-खांसते समय मुंह पर रुमाल या मास्क रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

इनफ्लूएंजा-ए के मरीज बढ़े

तेज बारिश के कारण बृहस्पतिवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की फ्लू ओपीडी में इनफ्लूएंजा-ए के कई मरीज पहुंचे। बाल रोग विभाग में करीब 25, मेडिसिन में करीब 30, चेस्ट एंड रेस्पिरेटरी विभाग में आठ और जिला अस्पताल की फ्लू ओपीडी में करीब 35 मरीजों का उपचार किया गया।



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