झांसी। जिले में गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने के लिए रोजाना सैकड़ों की संख्या में ग्राहक गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं के पास बैंक खाता, मृत्यु प्रमाण पत्र या पुराना गैस कनेक्शन का कागजात नहीं है, उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, नए कनेक्शन के लिए पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को भी फिलहाल कनेक्शन देने से इन्कार किया जा रहा है।
जनपद में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रह रहे हैं जो बाहर से आकर यहां नौकरी या निजी रोजगार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को 15 अगस्त तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा इसके बाद उन्हें सिलिंडर रिफिल कराने के लिए कामर्शियल रेट चुकाना पड़ सकता है। वर्तमान में करीब 1.40 लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। जरूरी दस्तावेज न होने के कारण ये उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि अन्य ग्राहकों की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो रही है।
उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे संदेश और स्पीड पोस्ट
एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सएप के साथ-साथ स्पीड पोस्ट के जरिए भी सूचना भेजी जा रही है, जिस पर एजेंसियों को 23 से 50 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इनमें से कई स्पीड पोस्ट वापस लौट रहे हैं क्योंकि संबंधित कनेक्शन धारक अब उस पते पर निवास नहीं कर रहे हैं।
घर बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं ई-केवाईसी
अब तक करीब 1.25 लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा ली है। जो ग्राहक एजेंसियों पर नहीं जा पा रहे हैं, वे घर बैठे संबंधित गैस कंपनी के ऐप या क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे, और सब्सिडी प्राप्त करने के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी है। इसके अतिरिक्त, एजेंसी या हॉकर के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से यह सेवा पूरी तरह से निशुल्क है।
कनेक्शन ट्रांसफर के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
एक फोटोग्राफ
पुराना गैस कनेक्शन कागजात
बोले उपभोक्ता:
नया कनेक्शन लेने के लिए एजेंसी पर गया था, लेकिन कंपनी ने 14 अगस्त तक नया कनेक्शन देने से इनकार कर दिया है, जिससे मैं काफी परेशान हूं।
नितिन देनवा (नंदनपुरा निवासी)
मैं रेलवे में तैनात हूं और बिहार के वैशाली का रहने वाला हूं। कनेक्शन ट्रांसफर कराने के बाद ई-केवाईसी कराने एजेंसी पहुंचा, जहां दस्तावेज पूरे होने पर काम हो गया।
राजीव रंजन (रेलवे कॉलोनी निवासी)
कनेक्शन मेरी दादी के नाम था जिनका देहांत हो चुका है। पोती के नाम कनेक्शन ट्रांसफर कराने पहुंचा तो पता चला कि इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और पुराने गैस कनेक्शन का कागज जरूरी है।
अतुल यादव (नंदनपुरा निवासी)
मैं छत्तीसगढ़ के जैसपुर की रहने वाली हूं और खातीबाबा के एक स्कूल में कार्यरत हूं। बेटी के नाम कनेक्शन ट्रांसफर कराना है, लेकिन बैंक खाता न होने के कारण ई-केवाईसी के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मेरी जैस (खातीबाबा निवासी)
