झांसी। इस मानसूनी सीजन में बारिश भले ही कम हुई हो, लेकिन महानगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 260 से अधिक सड़कें गड्ढों से छलनी हो गई हैं। बारिश और जलभराव के साथ समय पर मरम्मत न होने से सड़कों की हालत बिगड़ती गई। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) , नगर निगम, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस), जिला पंचायत, आवास विकास और सिंचाई विभाग की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। कई मार्गों पर वाहन चलाना हादसे को न्योता देने जैसा है। विभागों ने अब मानसून खत्म होने के बाद ही सड़कों की मरम्मत कराने की बात कही है।
बुंदेलखंड में इस बार बारिश अपेक्षाकृत कम हुई, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रही। बारिश और जलभराव से महानगर की कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। फिल्टर रोड, बाहर उनाव गेट रोड, शिवाजी नगर, नई बस्ती, लहरगिर्द और ओरछा गेट के बाहर की सड़कें ज्यादा खराब हैं। फिल्टर रोड पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। लोनिवि की पुनावली, रक्सा-मोंठ संपर्क मार्ग, बंगरा-रानीपुर मार्ग, मोंठ-द्वारका मार्ग और गरौठा-ककरवई मार्ग समेत करीब 39 सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। गरौठा क्षेत्र के बरमाइन संपर्क मार्ग की हालत भी खराब है। इन मार्गों पर आवागमन मुश्किल हो गया है। आवास विकास, आरईएस और जिला पंचायत की सड़कों पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं।
260 से अधिक सड़कें गड्ढों में
विभाग
गड्ढों वाली सड़कें
लोनिवि
39
नगर निगम
63
आरईएस
29
जिला पंचायत
116
आवास विकास एवं सिंचाई विभाग
17
कुल
264
पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
सड़कों को गड्ढामुक्त करने में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक बजट की व्यवस्था कर मरम्मत कराई जाएगी। बारिश खत्म होने के बाद गड्ढामुक्त अभियान शुरू किया जाएगा।
फिल्टर रोड समेत कई सड़कें पहले से क्षतिग्रस्त हैं। इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। मानसून के बाद आवास विकास विभाग की ओर से मरम्मत कराई जाएगी। अन्य गड्ढायुक्त सड़कों की भी बारिश खत्म होने के बाद मरम्मत कराई जाएगी। – रजनीश गुप्ता, नोडल अभियंता, लोनिवि
तीन महकमों के बीच उलझी सड़कों की मरम्मत
महानगर में अमृत योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए कई मोहल्लों की सड़कें और गलियां खोदी गईं। काम पूरा होने के बाद अधिकांश स्थानों पर सड़कें और गलियां पुराने स्वरूप में नहीं लौट सकीं। इनमें कई सड़कें नगर निगम और लोनिवि की हैं।
जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद अधिकांश सड़कों की मरम्मत करा दी गई है। वहीं, नगर निगम और लोनिवि इसके लिए जल निगम की पाइपलाइन परियोजना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोनिवि अधिकारियों का कहना है कि सड़कें खोदकर पाइपलाइन डालने के बाद उनकी समुचित मरम्मत नहीं कराई गई। नगर निगम अधिकारियों का भी कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के कारण कई गलियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस खींचतान के बीच सड़कों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
