झांसी। झांसी-ललितपुर हाईवे पर जीएसटी विभाग ने संदिग्ध अवस्था में बृहस्पतिवार रात निकल रही बिहार नंबर प्लेट की स्लीपर बस की चेकिंग कर बड़ी संख्या में बिजली के पार्ट्स और ऑटो पार्ट्स का सामान मिसा। पूरा माल दिल्ली से सागर जा रहा था। जीएसटी अफसरों ने माल का भौतिक सत्यापन कराते हुए 1.85 लाख रुपये की जीएसटी जमा कराई है।
यात्री बसों के परमिट की आड़ में चल रहे माल परिवहन के धंधे पर इन दिनों जीएसटी विभाग के अफसरों की कार्रवाई से बस संचालकों में खलबली मची हुई है। यात्रियों की जगह पर बड़े पैमान पर छिपाकर परिवहन किए जा रहे बिजली, ऑटो पार्ट्स, गॉरमेंट, होजरी के सामानों को बसों के जरिये लाया और भेजा जा रहा है। उक्त मामला सामने आने के बाद कमिश्नर ने भी गहरी नाराजगी जताते हुए परिवहन विभाग और जीएसटी अफसरों को कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जीएसटी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी मनीष कुमार श्रीवास्तव ने रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर सभी हाईवे पर सचल दल को विशेष चेकिंग के आदेश दिए है। इसी को लेकर झांसी-ललितपुर हाईवे पर बिहार की स्लीपर बस की चेकिंग में बड़े पैमान पर जीएसटी चोरी कर ले जाए जा रहे माल को अफसरों को पकड़ लिया। माल का भौतिक सत्यापन की कार्रवाई शुक्रवार तक चलने के बाद अफसरों ने पूरे माल पर 1.85 लाख रुपये की टैक्स चोरी पकड़े जाने पर रुपया जमा कराया। ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सचल दल लगातार चेकिंग कर रही है। यात्री बसों को रोककर चेक करने में यात्रियों को असुविधा न हो, इसका भी ध्यान देना पड़ता है। लेकिन बस संचालक इसी बात का फायदा उठाकर बसों के जरिए माल परिवहन कर रहे हैं। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
