झांसी-ललितपुर हाईवे पर फोरलेन चौड़ीकरण के तहत ग्राम रुंदबलौरा में प्रस्तावित सर्विस रोड का निर्माण पिछले लंबे समय से ग्रामीणों के विरोध के कारण अटका हुआ है। किलोमीटर 7.820 से 9.380 के बीच करीब 680 मीटर हिस्से में सर्विस रोड का निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से बाधित है। इस महत्वपूर्ण कार्य को शीघ्र पूरा कराने और आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए निर्माण एजेंसी (एनएचएआई) ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रशासनिक और पुलिस सहयोग की मांग की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-26 (अब एनएच-44) के चौड़ीकरण के दौरान सड़क सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ग्राम रुंदबलौरा में हाईवे के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ किलोमीटर (कुल तीन किलोमीटर) सर्विस रोड बनाने का प्रावधान किया गया था। संबंधित निर्माण फर्म द्वारा अब तक 2.320 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन शेष 680 मीटर का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के चलते रुका हुआ है।
इस गतिरोध को दूर करने के लिए एनएचएआई ने अप्रैल 2022 में सक्षम अधिकारी व विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के माध्यम से अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की थी। इसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक, बंदोबस्ती लेखपाल और सर्वे लेखपालों की टीम ने 30 अप्रैल 2022 को भूमि की नाप कराई थी और भूमि स्वामियों की समस्याओं का भी निस्तारण किया गया था। इसके बावजूद काम पूरा नहीं हो सका, जिससे सड़क सुरक्षा के उद्देश्य पर भी असर पड़ रहा है।
ढाबा संचालक पर भी अतिक्रमण का आरोप
एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में सर्विस रोड के समीप स्थित एक ढाबे द्वारा किए गए अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ढाबा संचालक ने एनएचएआई से प्रवेश (एक्सेस) की अनुमति लिए बिना अवैध निर्माण कराया है। हाईवे प्रशासन की ओर से ढाबा मालिक को नोटिस भी जारी किया जा चुका है, लेकिन आरोप है कि ढाबा मालिक और उसके कर्मचारियों द्वारा लगातार सर्विस रोड के निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है।
कोट
झांसी-ललितपुर हाईवे पर गांव रुंदबलौरा में महज 680 मीटर सर्विस रोड का निर्माण कार्य पिछले चार साल से अटका हुआ है। इसके साथ ही मौके पर अतिक्रमण कर ढाबा भी संचालित कर लिया गया है, जिसे हटाने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। निर्माण एजेंसी को काम नहीं करने दिया जा रहा है, इसलिए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पुलिस व प्रशासनिक सहयोग की मांग की गई है ताकि अधूरी पड़ी सर्विस रोड का काम जल्द पूरा कराया जा सके।
— मनोज कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, झांसी
