झांसी। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र निवासी रिटायर्ड कर्मी अजय प्रभाकर से साइबर जालसाजों ने बैंक की केवाईसी के नाम पर 2.82 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने आसानी से केवाईसी कर देने का झांसा देकर उनके मोबाइल का एक्सेस अपने पास ले लिया। इसके बाद उनके तीन बैंक खातों को खंगाल डाला। ठगी का अहसास होने पर रिटायर्डकर्मी ने सीपरी बाजार थाने में अज्ञात जालसाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले को खंगलाने में जुटी है।
रिटायर्ड कर्मी अजय प्रभाकर ने पुलिस को बताया कि 10 जून को बैंककर्मी बताते हुए एक युवक ने फोन किया। उसने बताया कि केवाईसी न होने से उनकी पेंशन रुक जाएगी। उनको तुरंत केवाईसी करानी होगी। युवक ने उनके बैंक खातों से जुड़ी डिटेल भी बताई। इस वजह से उन्होंने यकीन कर लिया। अजय के मोबाइल पर केवाईसी न कर पाने की बात कहने पर आरोपी युवक ने मदद की पेशकश की। एक एप डाउनलोड कराने के बाद युवक ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खातों से रकम निकाल ली। कुछ दिनों बाद बैंक डिटेल्स देखने पर 2.82 लाख रुपये निकाले जाने की बात मालूम चली। सीपरी बाजार थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश चौबे के मुताबिक बैंक खातों में हुई लेनदेन के आधार पर मामले की जांच कराई जा रही है।
साइबर जालसाजों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
– साइबर विशेषज्ञ डाॅ. राजीव त्रिपाठी के मुताबिक फोन पर केवाईसी अपडेट करने से बचना चाहिए। कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर फोन करे और केवाईसी के नाम पर ओटीपी, पिन, सीवीवी नंबर मांगे तो बिल्कुल न दें। बैंक एवं वित्तीय संस्थाएं गोपनीय जानकारी नहीं मांगती।
-एसएमएस या व्हाटसएप में आए केवाईसी लिंक पर क्लिक न करें।
खासकर ऐसे संदेशों से सावधान रहें
-आज केवाईसी नहीं हुई तो खाता बंद हो जाएगा। पिन अपडेट करें अथवा खाता ब्लॉक हो जाएगा।
– केवाईसी खुद बैंक के आधिकारिक माध्यम से करें। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट एवं मोबाइल एप खोलकर ही केवाईसी करें।
– एनी डेस्क, क्विक सपोर्ट जैसी रिमोट-एक्सेस एप को डाउनलोड न करें। ठग केवाईसी पूरी करने या खाता अनब्लॉक करने के नाम पर ऐसे एप इंस्टॉल करवाकर मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।
