झांसी। राजकीय और निजी आईटीआई संस्थानों में इस सत्र में कुल सीटों के मुकाबले आधे से भी कम प्रवेश हुए हैं। इसके चलते छात्रवृत्ति में भी यह संस्थान पिछड़ते जा रहे हैं।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
झांसी। राजकीय और निजी आईटीआई संस्थानों में इस सत्र में कुल सीटों के मुकाबले आधे से भी कम प्रवेश हुए हैं। इसके चलते छात्रवृत्ति में भी यह संस्थान पिछड़ते जा रहे हैं।
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