पिता को सजा से बचाने के लिए बेटी कोर्ट में गवाही से मुकर गई थी फिर भी अपर जिला जज प्रथम सपना त्रिपाठी ने पत्नी की गला रेतकर हत्या करने वाले पति को उम्रकैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फतेहपुर निवासी चंद्रिका सिंह भदौरिया ने अपनी बेटी संध्या की शादी किदवईनगर एम ब्लॉक निवासी विनय कुमार सिंह से वर्ष 2009 में की थी। शादी के बाद से ही शराब का लती विनय अक्सर संध्या को पीटता था। सात अगस्त 2013 को विनय ने चंद्रिका को फोन कर उसकी चाकू से गला रेतकर हत्या की सूचना दी।
चंद्रिका अपने बेटे और भतीजे के साथ किदवईनगर स्थित विनय के घर पहुंचा तो वहां संध्या का खून से लथपथ शव पड़ा था। नातिन ने विनय द्वारा हत्या करने की बात बताई थी। चंद्रिका ने दामाद विनय के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विनय को गिरफ्तार कर चाकू भी घर से बरामद कर लिया था। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन की ओर से वादी चंद्रिका, उसके बेटे व मृतका की बेटी समेत 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
