उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) की टीम ने शनिवार को भैलामऊ स्थित हॉस्पिटल वेस्ट निस्तारण प्लांट में छापा मारा। वहां मशीनें, इन्सीनरेटर सहित अन्य उपकरण और जनरेटर बंद मिला। इस पर प्लांट संचालक एमपीसीसी को नोटिस दिया है। उनसे एक हफ्ते में जवाब तलब किया गया है।
भैलामऊ स्थित इस प्लांट में 24 और 27 मई को आग लगी थी। इसके बाद से प्लांट ठीक से संचालन नहीं हो रहा। यूपी पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने बताया कि विभागीय निरीक्षण में प्लांट पूरी तरह बंद मिला और कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। परिसर में स्थापित इन्सीनरेटर, ऑटोक्लेव और श्रेडर संचालित नहीं हो रहे थे। अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (ईटीपी) भी बंद मिला। ईटीपी के इनलेट पर हाउस पाइप के माध्यम से अशोधित उत्प्रवाह बाईपास होते मिला।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट पक्के शेड के अंदर इकट्ठा जमा किया गया था। विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में स्थापित 62.5 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। प्रतिनिधि ने बताया कि 24 मई को प्लांट परिसर के पिछले हिस्से में आग लगने के बाद से संचालन बंद कर दिया गया है। बोर्ड की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि आपातकालीन स्थिति में जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण दूसरे अधिकृत सीबीडब्ल्यूटीएफ में कराना चाहिए पर उससे अनुबंध होने के बावजूद ऐसा नहीं कराया गया। इस पर नोटिस जारी किया गया है।