तपती गर्मी से राहत के लिए सोमवार को बाबा विश्वनाथ को लंगड़ा आम और बनारसी पान का भोग लगाया गया। इसके अलावा उन्हें ऋतु पुष्प अर्पित किए गए। मुख्य गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ का अलौकिक शृंगार किया गया। धाम परिसर में स्थित श्री अविमुक्तेश्वर महादेव का विशेष संकल्प के साथ रुद्राभिषेक किया गया।
सोमवार की भोर से ही बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लग गई थी। इसे नियंत्रित करने और सुगम दर्शन के लिए मंदिर के चारों द्वार खोल दिए गए थे। पुरुषोत्तम मास में बाबा के दर्शन के लिए पूर्वांचल समेत आस-पास के राज्यों से भी श्रद्धालु आ रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन लगभग दो लाख श्रद्धालु आ रहे हैं। धूप से बचाव के लिए परिसर में जर्मन हैंगर (बड़े वाटरप्रूफ टेंट) लगाए गए हैं और जमीन पर मैट बिछाई गई है।
दोपहर के मुकाबले सुबह और रात के समय धाम में भीड़ का दबाव अधिक देखा जा रहा है। सामान्य कतार में भक्तों को दर्शन करने में 30 मिनट से एक घंटे का समय लग रहा है, लेकिन कतारें लगातार जारी ही हैं। भीषण तपिश और चिलचिलाती धूप भी शिव भक्तों के उत्साह को डिगा नहीं पा रही है।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल अप्रैल और मई के महीने में ही एक करोड़ से ज्यादा भक्तों ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई है। अकेले मई माह में 48.07 लाख और अप्रैल में 52.33 लाख श्रद्धालु काशी पहुंचे। गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में भव्य कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद से अब तक रिकॉर्ड 29 करोड़ 80 लाख से अधिक लोग बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
