खतौली। Khatauli Newsअखिल भारतीय रावा राजपूत एकता एवं सेवा समिति मुजफ्फरनगर के द्वारा गांव सठेडी के एक बैंकट हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता दुष्यंत सिंह ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ इंदर सिंह जादौन रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा, सहनशीलता, सत्य बोलने पर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं मोबाइल, टीवी न देखे। वह धार्मिक ग्रंथो का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अभिमन्यु ने पेट में ही चक्रव्यूह भेदना सीख लिया था, इससे यह सिद्ध होता है कि जिस समय महिला गर्भवती होती है उसे समय वह जो भी कार्य करती है उसका असर बच्चों पर भी पड़ता है। यदि गर्भवती महिला धार्मिक ग्रंथ पढेगी, तो बच्चे पर भी उसी प्रकार का असर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि बेटी को अपने ससुराल में किस प्रकार से रहना चाहिए।

बेटी शादी के बाद पिता के घर से अपने घर जा रही होती है। जहां उसे अपना पूरा जीवन बिताना होता है। शादी के बाद पति के घर को ही अपना घर समझ कर उसकी मर्यादा के अनुसार कार्य करना चाहिए। बेटी न तो पराई है और नहीं पराया धन है। रिश्तो में समन्वय होगा तो रिश्ते कभी नहीं टूटेंगे। वक्ताओं ने सभी से कहा कि अपने बच्चों में संस्कार डालें, उन्हें संस्कारवान बनाएं, शिक्षित करें, जिससे वह आगे चलकर देश और बिरादरी का नाम ऊंचा कर सकें।

इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं में कीर्ति राजपूत, विराट प्रताप सिंह, पूरूवंश सिंह, रुद्र प्रताप सिंह सहित अन्य बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर बिरादरी के पीएचडी होल्डर चिकित्सकों का भी सम्मान किया गया। जिनमें डॉ पूनम, डॉ वीरेंद्र, डॉ सुनीता राणा, डॉ सतीश, डॉ सुभद्रा, डॉ महेंद्र सिंह, डॉ अनुराधा, डॉ सत्यवीर, डॉ विजया तोमर, डॉ इंदल सिंह को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ सीपी सिंह, हरिप्रकाश, गुलजारीलाल, शिवकुमार, शेखर आर्य, कोकिला राजपूत, मनीषा चौहान, अनुष्का राजपूत आदि ने अपने विचार रखे ।इस अवसर पर जगदीश आर्य, सचिन आर्य, मनोज राजपूत, सुनील, राजन, विकास, अभिषेक, संजय कुमार, विनोद राजपूत, मयंक, विकास कुमार, यशपाल सिंह, योगेंद्र कुमार, अमित कुमार आदि उपस्थित रहें ।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर रविंद्र जादौन ने किया।



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