आगरा। यमुना किनारा मार्ग से ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट करने की कवायद कागजों से बाहर नहीं आ पा रही। सबसे बड़ी चुनौती शिफ्ट होने वाले ट्रांसपोर्टरों की संख्या करीब 400 है, जबकि ट्रांसपोर्ट नगर में उपलब्ध भूखंडों की संख्या इसके मुकाबले काफी कम है।
यमुना किनारा स्थित ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के वाहनों से जाम की समस्या विकराल रूप ले रही है। एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने सभी आवंटियों से वार्ता कर उन्हें जल्द से जल्द आवंटित जगह पर शिफ्ट करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर में सड़क, नाले और पार्क जैसे अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए नगर निगम ने शासन को 8473.34 लाख करीब 84.73 करोड़ रुपये का प्रस्ताव डीपीआर भेजा है।
प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण विशेष रूप से ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए ही किया था। प्राधिकरण की ओर से लगभग सभी भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इसलिए जिन आवंटियों को जगह मिल चुकी है, उनके साथ वार्ता कर उन्हें हर हाल में ट्रांसपोर्ट नगर भेजा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगली बैठक तक इस शिफ्टिंग पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
शिफ्टिंग से पहले ट्रांसपोर्ट नगर में मूलभूत सुविधाओं नाले, नालियों, पार्क और सड़क की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। अपर नगर आयुक्त ने कहा कि संपूर्ण क्षेत्र के विकास के लिए 84.73 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर प्रमुख सचिव नगर विकास को भेजी जा चुकी है। शासन से धनराशि स्वीकृत होते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर विकास कार्य युद्धस्तर पर कराए जाएंगे।
अब तक 8.51 करोड़ रुपये हो चुके हैं खर्च
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान ट्रांसपोर्ट नगर में अब तक 851.29 लाख (8.51 करोड़) रुपये के निर्माण कार्य कराए जा चुके हैं। टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अब तक हुए विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट और आख्या जल्द से जल्द टीटीजेड प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए।
