पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिणी जोन में लागू किए गए ऑब्जेक्टिव इवेल्यूएशन सिस्टम के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने मई में उत्कृष्ट कार्य करने वाले थाना प्रभारियों और दरोगा को सम्मानित किया। कृष्णानगर इंस्पेक्टर प्रद्युम्न कुमार सिंह को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ घोषित किया गया। वहीं तीनों सर्किलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दरोगा को भी सम्मानित किया गया।

डीसीपी दक्षिणी ने बताया कि 13 मई 2026 से जोन में थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षकों के कार्यों के मूल्यांकन के लिए ऑब्जेक्टिव इवेल्यूएशन सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत विभिन्न पुलिस कार्यों के लिए अंक निर्धारित किए गए हैं। पुलिसकर्मियों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। टारगेट ओरिएंटेड पुलिसिंग को मजबूती मिली है।

ये भी पढ़ें – सीएम योगी ने दिए निर्देश – ‘ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी रोकें, अपराधियों से सख्ती से निपटें’



ये भी पढ़ें – तीन दिन की सिपाही भर्ती परीक्षा सोमवार से, एसटीएफ की निगरानी में स्ट्रांग रूम पहुंचे पेपर; ऐसे प्राप्त करें प्रवेश पत्र

डीसीपी अमित कुमार आनंद के मुताबिक मई के मूल्यांकन में कृष्णानगर इंस्पेक्टर प्रद्युम्न कुमार सिंह ने 1046 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। उनकी अगुवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की, अंतरराज्यीय लूट-छिनैती गिरोह का खुलासा कर सात बदमाशों को गिरफ्तार किया। लाखों रुपये का माल बरामद किया। इसके अलावा टप्पेबाजी गिरोह का पर्दाफाश कर करीब छह लाख रुपये बरामद किए गए।

वहीं, 958 अंक अर्जित कर थाना गोसाईगंज इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह दूसरे स्थान पर रहे। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज बृजेश कुमार त्रिपाठी 892 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा दरोगा की श्रेणी में मोहनलालगंज सर्किल से चौकी प्रभारी भागूखेड़ा आशीष कुमार ने 952 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। जबकि गोसाईगंज सर्किल में सीसी टीम प्रभारी लाल सिंह 624 अंकों के साथ अव्वल रहे। वहीं कृष्णा नगर सर्किल में सीसी टीम प्रभारी ज्ञानेश्वर सिंह ने सर्वाधिक 1935 अंक प्राप्त कर सर्किल में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

डीसीपी ने बताया मई में दक्षिणी जोन पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन-2 के तहत 89 माल मुकदमाती और सीज वाहनों का निस्तारण किया। साइबर सेल दक्षिणी की टीम ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से विभिन्न जनपदों और राज्यों से खोए या चोरी हुए करीब 12 लाख की लागत के 54 मोबाइल फोन बरामद किए। डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद का कहना है कि मूल्यांकन प्रणाली से पुलिस कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और पेशेवर दक्षता बढ़ी है। इसका सीधा लाभ आम जनता को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा के रूप में मिल रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *