लखनऊ। फैजुल्लागंज को बाढ़ से स्थायी राहत मिलेगी। इसके लिए आईआईएम रोड से पक्का पुल तक 5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाया जाएगा। शनिवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय बैठक में क्षेत्र के समग्र विकास और बाढ़ से बचाव का रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक में पेश रिपोर्ट के मुताबिक गोमती का जलस्तर चेतावनी बिंदु से पार जाने और फैजुल्लागंज का भू-स्तर नदी के सामान्य स्तर से नीचे होने के कारण 21 मोहल्लों के करीब 6500 परिवार (38 हजार से अधिक आबादी) प्रभावित हुए। प्रशासन ने 16 बाढ़ राहत चौकियां, आठ आश्रय स्थल बनाने के साथ एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव कार्य चलाया।
बैठक में लिए गए निर्णय
आईआईएम रोड से खदरा होते हुए पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती के बाएं तट पर तटबंध बनेगा।
गोमती का बैकफ्लो रोकने और नालों से सुचारू जल निकासी के लिए 12 फ्लड पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक आधुनिक जल निकासी का नेटवर्क बिछाया जाएगा।
लखनऊ के नागरिकों को जलभराव की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए तटबंध बनाने के साथ बुनियादी सुविधाओं के विकास को समय से पूरा किया जाएगा।
-राजनाथ सिंह, केंद्रीय रक्षामंत्री
आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ है। फैजुल्लागंज में बाढ़ की आपदा को रोकने के लिए स्थायी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
-योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
