लखनऊ। केजीएमयू में मरीजों और तीमारदारों को इलाज से जुड़ी जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। संस्थान जल्द एआई आधारित चैटबॉट की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना सात से आठ हजार मरीज आते हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने से उन्हें विभाग, डॉक्टर और जांच केंद्र खोजने में परेशानी होती है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने अपने दूसरे कार्यकाल में चिकित्सा सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि चैटबॉट मरीजों का डिजिटल मददगार बनेगा। मोबाइल, वेबसाइट या अस्पताल के एप के जरिये मरीज घर बैठे जरूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
मरीज चैटबॉट से बीमारी के अनुसार संबंधित विभाग और डॉक्टर की जानकारी ले सकेंगे। ओपीडी का समय, डॉक्टर की उपलब्धता और अपाॅइंटमेंट की सुविधा भी मिलेगी। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को ओपीडी, लैब, एक्स-रे, एमआरआई, इमरजेंसी और फार्मेसी का स्थान खोजने में भी मदद मिलेगी। इससे मरीजों और तीमारदारों का समय बचेगा और अस्पताल में अनावश्यक भीड़ व भटकाव कम होने की उम्मीद है।
