लखनऊ। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी चार सितंबर को मनाई जाएगी। इस दौरान मंदिरों में रंग बिरंगी झांकियों, झूले में विराजमान बाल गोपाल, और आधी रात को शंख और घंटों की गूंज से पूरा शहर भक्तिभाव में डूबा नजर आएगा। इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मंदिरों के साथ घरों में भी बाल गोपाल की विशेष पूजा-अर्चना और जन्मोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं।
ज्योतिषाचार्य एसएस. नागपाल ने बताया कि चार सितंबर की रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक बाल गोपाल के जन्म की पूजा का विशेष समय रहेगा। इसी दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे। जन्मोत्सव के बाद बाल गोपाल को पंचामृत से स्नान कराया जाएगा। नए वस्त्र पहनाकर माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी और मखाने की खीर का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद आरती होगी। दिनभर व्रत और पूजा-अर्चना के बाद कई श्रद्धालु रात में जन्मोत्सव के बाद व्रत खोलेंगे, जबकि कुछ लोग अगले दिन सुबह पारण करेंगे।
