तारुन। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मंगलवार को बीआरसी कार्यालय तारुन में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दिव्यांग बच्चों के लिए था। इसमें विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से ग्रसित कुल 56 बच्चों ने भाग लिया। परीक्षण के बाद कुल 29 बच्चों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए चयनित किया गया।
इन चयनित बच्चों में 21 मानसिक मंदित बच्चे थे। आठ बच्चे अस्थि दिव्यांगता से ग्रसित थे। इन बच्चों को प्रमाणपत्र बनवाने में सहायता प्रदान की जाएगी। इससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। शिविर का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी यशवंत कुमार ने बताया कि दिव्यांग बच्चों की पहचान करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना और सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।
शिविर में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों का परीक्षण किया। इनमें अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. गुलाब चंद्र पटेल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अंचल गुप्ता, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियांशु पांडेय और मनोचिकित्सक डॉ. मुकेश पाठक व सीएमओ कार्यालय से सचिन यादव शामिल थे। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग से गणेश प्रताप सिंह, विशेष शिक्षक उदय भानु चौबे, वीरेंद्र कुमार और दिनेश कुमार यादव भी मौजूद थे।
