लखनऊ। सिटी ट्रांसपोर्ट में जिन कर्मचारियों को फर्जी दस्तावेज पर बर्खास्त कर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था उनकी आउटसोर्स पर दोबारा भर्ती कर ली गई। मामला संज्ञान में आने पर प्रबंध निदेशक विमल राजन ने लखनऊ सहित 17 शहरों में हुई भर्तियों पर रोक लगा दी है।
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड में तीन ऐसे कर्मचारियों की भर्ती का खुलासा हुआ है। इनमें सूरज कुमार, आयुष कुमार व सनोज कुमार गुप्ता के नाम सामने आए हैं। ये कर्मचारी संविदा कंडक्टर के पद पर सिटी बसों में तैनात थे। दुबग्गा सिटी बस डिपो के एआरएम को मामले की जांच सौंपी गई है।
सिटी ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार जिन कर्मियों को पूर्व में कदाचार, भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, फर्जी दस्तावेज सहित अन्य मामलों में ब्लैकलिस्ट किया गया हो या नौकरी से बर्खास्त किया गया हो उनकी दोबारा नियुक्ति नहीं की जा सकती है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि एसएस इंटरप्राइजेज की ओर से फर्जी दस्तावेज के आधार पर जिन कर्मियों को नियुक्ति दी गई थी उन्हें सिटी बस प्रबंधन ने कुछ समय पहले सेवा से हटा दिया था। इसके बावजूद आउटसोर्स कंपनी की ओर से भर्ती किए गए इन संविदा कर्मियों से ड्यूटी कराई जा रही थी।
