लखनऊ। किताबों की दुनिया से बच्चों को जोड़ने और पढ़ने के साथ रचनात्मकता को मंच देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार से गोमती पुस्तक महोत्सव शुरू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। नौ दिनों तक चलने वाले महोत्सव में 121 प्रकाशक करीब 250 स्टॉल लगाएंगे। हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत भारतीय भाषाओं की हजारों किताबें यहां उपलब्ध रहेंगी। महोत्सव में प्रवेश निशुल्क रहेगा। पिछले वर्ष हुए आयोजन में करीब 225 स्टॉल लगे थे। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि बच्चों और जेनजी के लिए प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। नन्हे पुस्तक प्रेमियों के लिए नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रेंस लिटरेचर की ओर से नौ दिनों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया गया है। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली, नाटक और स्टोरीटेलिंग के माध्यम से कहानी सुनाने की गतिविधियां होंगी। इसके अलावा वैदिक गणित, माइंडफुलनेस वर्कशॉप, क्ले आर्ट, पुस्तक निर्माण, कविता पाठ, मंडला आर्ट और रचनात्मक लेखन की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में लविवि के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, एनबीटी इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश के अवस्थी, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा आदि उपस्थित रहेंगे।
शुभांशु शुक्ला से संवाद करेंगे बच्चे
बाल मंडप में बच्चों के लिए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के वरिष्ठ संयोजक चंद्र प्रकाश ने कहा कि पुस्तकें एआई का एंटीडोट हैं, क्योंकि इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री न तो हमेशा पुष्टिकृत है और न ही प्रमाणित। ऐसे में केवल एआई के सहारे सही ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। लविवि की प्रधान पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. रोली मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में इतना बड़ा आयोजन होना विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
डिस्ट्रीब्यूटर्स के अलावा प्रकाशक भी शामिल
अभी तक गोमती पुस्तक महोत्सव में ज्यादातर प्रकाशक अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स को भेज देते थे लेकिन इस बार प्रभात प्रकाशन, रूपा प्रकाशन आदि ने खुद अपने स्टॉल महोत्सव में लगाए हैं। साथ ही कई अंग्रेजी प्रकाशनों ने भी स्टॉल लगवाए हैं। इससे लोगों को अलग-अलग प्रकाशकों की पुस्तकें आसानी से एक ही जगह पर मिल सकेंगी।

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला

महोत्सव की तैयरियों को दिया जा रहा अंतिम रूप। -अमर उजाला
