लखनऊ। राजधानी के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए संस्थान को नया भवन मई 2027 में मिल जाएगा और जून से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इस बदलाव से न केवल शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

भवन के निर्माण के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार से भी बजट मिला है। बता दें कि यहां पहले ही निर्माण कार्य शुरु होना था लेकिन कुछ कागजी अड़चनों के चलते काम रुका हुआ था। इसी साल डायट प्राचार्य पद पर बदलाव के बाद प्रक्रिया रफ्तार पकड़ सकी है। हालांकि निर्माण समय से शुरू हो गया होता तो अब तक इसका लाभ भी मिलने लगता। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नए भवन में 100 कंप्यूटरों की एक लैब होगी। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक अकादमिक ब्लॉक, उच्च गुणवत्ता वाले क्लासरूम, प्रशासनिक ब्लॉक और सभागार (ऑडिटोरियम) भी शामिल है।

डिजिटल और तकनीक से लैस होगी स्मार्ट क्लासरूम

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बनने के बाद डीएलएड प्रशिक्षुओं को आधुनिक ऑडियो-वीडियो उपकरणों और स्मार्ट क्लास के जरिये कठिन विषयों को आसानी से समझ सकेंगे। आईसीटी और स्टीम लैब से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे विषयों को रोचक ढंग से पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण मिल सकेगा। नए भवन में ई-लाइब्रेरी की भी स्थापना होगी। संस्थानों में अत्याधुनिक पुस्तकालयों के साथ-साथ डिजिटल ई बुक्स की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

कोट…….

नए भवन का निर्माण कार्य तय समय के भीतर तेजी से हो रहा है। जून 2027 में डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित हो जाएगा।

राम प्रवेश, डायट प्राचार्य



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *