आगरा। दुकानों का किराया और मंडी प्रशासन को शुल्क भरने के बाद भी सिकंदरा सब्जी एवं फल मंडी के व्यापारियों से चूहे भी रोजाना टैक्स वसूलते हैं। मंडी की चार दर्जन से ज्यादा आढ़तें चूहों ने खोखली कर दी हैं। कई दुकानें एक से दो फीट तक धंस चुकी हैं। चूहे अनाज, फल-सब्जियों का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। मंडी प्रशासन को पूरी जानकारी है मगर बरसों से मरम्मत नहीं करवाई जा रही है।
आलू-प्याज मंडी की दर्जनों दुकानों में चूहों ने नीचे की मिट्टी खोदकर गहरे गड्ढे कर दिए हैं, जिससे फर्श जमीन में धंस गए हैं। कई दुकानों के आगे मिट्टी के ढेर लगे हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है। व्यापारियों का कहना है कि फर्श खोखले होने से दुकानों के पिलर बैठने का खतरा बना हुआ है, जिससे किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
बारदाना बर्बाद, लेबर का पड़ रहा अतिरिक्त बोझ
व्यापारियों के बताया कि फर्श की नमी और चूहों के कारण पहले जूट के बोरों में दीमक लगती थी और बोरे फटकर माल बिखरकर खराब हो जाता था। इससे बचने के लिए जब व्यापारियों ने प्लास्टिक के कट्टों में आलू मंगवाना शुरू किया, तो चूहों ने उन्हें भी काट डाला। चूहे कट्टों को कुतरकर आलू को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते व्यापारियों को न केवल बारदाने (बोरे) का नुकसान सहना पड़ रहा है, बल्कि माल की दोबारा छंटाई और भराई के लिए अतिरिक्त लेबर भी लगानी पड़ रही है।
हर रोज आढ़त पर करीब 300 से पांच सौ पैकेट आलू आते हैं। दुकान पर टूटे फर्श और उनसे निकली मिट्टी के ढ़ेर पर रखना पड़ता है। दूसरे दिन तक हर रोज करीब 50 से 60 पैकेट चूहे काट देते हैं। इन प्रत्येक पैकेट में चूहे तीन से चार किलो आलू को कुतरकर बेकार कर देते है। उन्हें फिर से छंटाई और भराई कराने में बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। खुद से इस फर्श को कराएं तो मंडी अधिकारी विरोध करते हैं और वह खुद कुछ कर नहीं रहे हैं। – रवि, आढ़ती
इस मार्केट की हालत बहुत ही खराब है। हर महीने मंडी कर और किराया दे रहे है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। हर रोज व्यापारी लाखों रुपये का नुकसान उठा रहे है। अनेक बार ज्ञापन और शिकायत के बाद भी कोई अधिकारियों का ध्यान नहीं है। हर रोज माल खराब होता है। माल रखना तो दूर बैठने तक को सही जगह नहीं बची है। – राजू चौधरी, आढ़ती
वर्जन
चूहों के जमीन खोखली करने कारण दुकानों के फर्श टूट कर बैठ गए है। इन्हें जल्द ही सही कराया जाएगा। आढ़तियों की समस्याओं को जल्द से निस्तारित किया जाएगा।- अजय प्रताप सिंह, सचिव, मंडी समिति
